
दिल्ली। गणतंत्र दिवस (Republic Day) परेड की रिहर्सल (Parade Rehearsal) के चलते आज यानी शुक्रवार को राजपथ और आसपास के मार्गों पर यातायात (Traffic) बाधित रहेगा. सुबह 9 बजे से 12 बजे तक राजपथ से रफी मार्ग, राजपथ से जनपथ, राजपथ से मान सिंह रोड और राजपथ-सी हेक्सागन तक तीन घंटे वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध रहेगा. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस (Delhi Traffic Police) ने वाहन चालकों को सलाह दी है कि वे आश्रम चौक से सराय काले खां, यहां से आईपी फ्लाईओवर होकर राजघाट जा सकते है.
इसी तरह लाजपत राय मार्ग का प्रयोग करने वाले वाहन चालक मथुरा रोड होकर भैरों रोड से रिंग रोड का प्रयोग कर सकते हैं. प्रतिबंधित सड़कों पर जाने वाली बसें सिर्फ विश्व युवा केंद्र, चाणक्यपुरी, त्याग राज मार्ग, कृष्णा मेनन मार्ग, मौलाना आजाद रोड, मान सिंह रोड, सुब्रमण्यम भारती मार्ग और मिंटो रोड तक चलेंगी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यातायात पुलिस के अनुसार राजपथ के आसपास अरबिंदो मार्ग, सफदरजंग रोड़, कमल अतातुर्क मार्ग, कौटिल्य मार्ग, सरदार पटेल मार्ग, मदर टेरेसा क्रिसेंट, आरएमएल, बाबा खड़क सिंह मार्ग, तीन मूर्ति मार्ग, दारा शिकोह रोड, हुक्मी माई रोड, साउथ सनकेन रोड आवाजाही के लिए खुले रहेंगे. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने गुरुवार को आरोप लगाया कि गणतंत्र दिवस परेड के लिए कुछ निश्चित राज्यों की झांकी के प्रस्ताव को अस्वीकार किया जाना भाजपा नीत केंद्र सरकार द्वारा देश के 'संघवाद और सामाजिक सांस्कृतिक परंपरा' के प्रति 'गहरी अवमानना' को दर्शाता है. इस साल की गणतंत्र दिवस परेड के लिए विषय विशेषज्ञ समिति द्वारा केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की झांकियों के प्रस्ताव को अस्वीकार किया गया है.
माकपा के मुखपत्र 'पीपुल्स डेमोक्रेसी' के हालिया संपादकीय में कहा गया कि जिस तरह से गणतंत्र दिवस परेड के लिए केंद्र द्वारा कुछ खास राज्यों की झांकी को मंजूरी नहीं दी गई, वह काफी हद तक भाजपा शासन की मानसिकता को दर्शाता है. इसमें कहा गया है कि केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल सरकारों की झांकियों को मंजूरी नहीं दिया जाना स्वतंत्रता संग्राम के संघवाद और सामाजिक सांस्कृतिक परंपरा के प्रति गहरी अवमानना को दर्शाता है. संपादकीय में पश्चिम बंगाल की झांकी को अस्वीकार किए जाने को लेकर सवाल खड़ा किया गया, जिसमें स्वतंत्रता संग्राम में नेताजी सुभाष चंद्र बोस और आजाद हिंद फौज की भूमिका को दर्शाती है जबकि इस साल की परेड का विषय स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ पर आधारित है.





