गांव में अंधविश्वास की परम्परा: ग्रामीण वाले खुद को बताते है पांडवों का वंशज, मन्नत पूरी कराने और बहन की विदाई करने के लिए कांटों की सेज पर लेटते हैं

मध्य प्रदेश के बैतूल के एक गांव में अंधविश्वास की परम्परा के चलते लोग इक्कीसवीं सदी में भी कांटो पर लेट कर परीक्षा देते है. यहां आज भी आस्था के नाम पर एक दर्दनाक खेल खेला जा रहा है. अपने आप को पांडवों का वंशज कहने वाले रज्जड़ समाज के लोग अपनी मन्नत पूरी कराने और बहन की विदाई करने के लिए खुशी-खुशी कांटों की सेज पर लेटते हैं. बैतूल के सेहरा गांव में हर साल अगहन मास पर रज्जड़ समाज के लोग इस परंपरा को निभाते हैं. इन लोगों का कहना है कि हम पांडवों के वंशज हैं. पांडवों ने कुछ इसी तरह से कांटों पर लेटकर सत्य की परीक्षा दी थी इसीलिए रज्जड़ समाज इस परंपरा को सालों से निभाता आ रहा है.
jantaserishta.com
भारत के भले ही किसी कोने में आप रह रहे हों, जनता से रिश्ता वेबसाइट पर आपके राज्य की हर छोटी-बड़ी खबर मिलेगी। राजनीति, खेल, चुनाव, बिजनेस, सिनेमा, इस प्लैटफॉर्म पर बस एक क्लिक करते ही हमेशा पाएं ताजा खबरें। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के बाकी राज्यों और शहरों की कोई जानकारी हो, हम आपको देते हैं। सियासी रण हो या बजट का मौसम, कहां चल रहा क्या सियासी दांव-पेच, आपके गांव में किसकी सरकार, हर अपडेट यहां आपको मिलेंगे। तो फिर अपने राज्य की हर हलचल के लिए जुड़े रहिए जनता से रिश्ता के साथ।





