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किसानों के बैंक खातों में आज 2000 करोड़ रुपये से अधिक राशि होगी ट्रांसफर, नवजोत सिंह सिद्धू ने की ये मांग

Gulabi Jagat
16 April 2022 4:12 AM GMT
किसानों के बैंक खातों में आज 2000 करोड़ रुपये से अधिक राशि होगी ट्रांसफर, नवजोत सिंह सिद्धू ने की ये मांग
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पंजाब सरकार शनिवार को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) भुगतान के एवज में किसानों के बैंक खातों में 2000 करोड़ रुपये से अधिक राशि ट्रांसफर करेगी। राज्य सरकार के प्रवक्ता ने शुक्रवार को बताया कि अब तक किसानों को 828 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए जा चुके हैं। विभाग ने अब 2137 करोड़ रुपये के भुगतान को अनुमोदित किया है, जो शनिवार को सीधे किसानों के खातों में जमा कर दिए जाएंगे।

मंडियों में आने वाले सूखे अनाज की मात्रा का आकलन करने के लिए केंद्रीय टीमों के मौजूदा दौरों के बारे में प्रवक्ता ने कहा कि टीमों ने 17 जिलों का सर्वेक्षण कर लिया है। उम्मीद है कि शेष छह जिलों को शनिवार को कवर किया जाएगा। गुरुवार और शुक्रवार की रात हुई बारिश और मंडियों में पानी जमा होने के कारण खरीद में संभावित व्यवधान पर उन्होंने कहा कि मंडी बोर्ड के अधिकारियों ने रातभर काम करके यह सुनिश्चित किया कि मंडियां पानी से मुक्त रहें। इसके परिणामस्वरूप एक मिनट भी खरीद कार्य में व्यवधान नहीं हुआ।
प्रवक्ता ने कहा कि राज्य में गेहूं की आवक चरम पर है और शुक्रवार को एक दिन में 8.2 लाख टन से अधिक गेहूं की आवक हुई है। मंडियों में अब तक 36 लाख टन गेहूं आ चुका है और राज्य की खरीद एजेंसियों ने 33 लाख टन गेहूं की खरीद कर ली है। राज्य भर में बिना बिके गेहूं की कुल मात्रा केवल 3 लाख टन है, जो एक दिन की आवक का 40 प्रतिशत है। दिन की आवक का 60 प्रतिशत से अधिक अनाज उसी दिन खरीदा जा रहा है।
केंद्र और पंजाब किसानों को दे प्रति क्विंटल 400 रुपये मुआवजा: सिद्धू
पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू ने केंद्र और पंजाब सरकार से आग्रह किया है कि इस साल भीषण गर्मी के कारण गेहूं की कम पैदावार को ध्यान में रखते हुए किसानों को 400 रुपये प्रति क्विंटल मुआवजे का एलान किया जाए। अपने ट्विटर हैंडल पर सिद्धू ने शुक्रवार को दोनों सरकारों से आग्रह करते हुए लिखा- क्योंकि इस साल गर्मी की लहर के कारण उत्पादन 30-50 फीसदी कम हुआ है और वैश्विक गेहूं की कीमतें 3500 रुपये (पिछले वर्ष की तुलना में 1500 रुपये अधिक) हैं। सिद्धू ने लिखा कि गरीब किसानों के नाम पर बिचौलियों और सरकार को सारा लाभ अपने पास नहीं रखना चाहिए।
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