भारत

आज राजपूतों का बड़ा सम्मेलन, 1 लाख लोगों के जुटने का दावा

jantaserishta.com
22 Dec 2021 6:33 AM GMT
आज राजपूतों का बड़ा सम्मेलन, 1 लाख लोगों के जुटने का दावा
x

जयपुर: आज देश भर के एक लाख राजपूत जयपुर में जुटने जा रहे हैं. श्री क्षत्रिय युवकसंघ के हीरक जयंती के मौक़े पर जयपुर के भवानी निकेतन में राजपूतों का सम्मेलन रखा गया है. माना जा रहा है कि बदले हुए माहौल में अपनी सियासी ताक़त जुटाने के लिए राजपूतों की अब तक की यह सबसे बड़ी पहल है. राजपूतों के सामाजिक मंच पर BJP के केंद्रीय मंत्रियों से लेकर राजस्थान सरकार के मंत्री और दूसरे राज्यों के बड़े राजपूत नेता भी शामिल हो रहे हैं.

राजस्थान में सियासी ताकत दिखाएंगे राजपूत
ख़ास बात है कि इस सभा में आने के लिए केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत और कांग्रेस के मंत्री प्रताप सिंह ख़ाचरियावास एक साथ जयपुर में घूम कर लोगों को न्योता देते नज़र आ रहे थे. माना जा रहा है कि राजस्थान में राजपूतों की आबादी क़रीब सात फ़ीसदी है. राजपूत पहले परंपरागत रूप से BJP के वोटर थे मगर जब से BJP ने जाटों को आरक्षण दिया और भैरों सिंह शेखावत केंद्र की राजनीति में चले गए तब से राजपूत किसी पार्टी से पूरी तरह से जुड़े हुए नहीं हैं और उनकी राजनीतिक छटपटाहट को इसी नज़रिए से देखा जा रहा है.
ऐसे में अब जब फिर चुनाव नजदीक हैं, ऐसे में दोनों कांग्रेस और बीजेपी इस वर्ग को अपनी तरफ करने में लगी हुई है. पूरा प्रयास है कि राजस्थान में राजपूतों का आशीर्वाद सिर्फ उनकी पार्टी को ही मिले. वैसे इस समाज को इतना महत्व जरूर दिया जा रहा है, लेकिन चुनावी आंकड़े दूसरी ही कहानी बयां करते हैं.
क्या बताते हैं आंकड़ें?
आज़ादी के बाद हुए 1952 के चुनाव में 160 सीटों में 54 पर राजपूत को जीत मिली थी. पिछली बार 26 विधायक थे और इस बार 21 रह गये हैं. 2011 में राजस्थान में राजपूतों की आधिकारिक जनसंख्या 37.4 लाख बताई गई है. फ़िलहाल राजपूतों का दावा है कि क़रीब 45 लाख राजपूत राजस्थान में हैं. श्री क्षत्रिय युवक संघ राजपूतों के अंदर सामाजिक सुधार और विकास का काम करता है जिसकी स्थापना 1944 में पिलाने में तन सिंह ने की थी.
Next Story