भारत
तिरुपति लड्डू घी मिलावट मामला, सुकृति फूड्स के प्रमोटर गिरफ्तार
Shantanu Roy
19 Sept 2026 7:37 PM IST

x
New Delhi. नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने तिरुपति मंदिर के लड्डू प्रसाद में इस्तेमाल होने वाले घी में कथित मिलावट के मामले में सुकृति फूड्स के प्रमोटर कैलाश चंद मंगला को गिरफ्तार किया है। ED का आरोप है कि असली घी के नाम पर TTD को कथित तौर पर मिलावटी घी की सप्लाई की गई। एजेंसी के मुताबिक, 2019 से 2024 के बीच करीब ₹230 करोड़ का घी TTD को दिया गया। इसमें से करीब ₹96 करोड़ का कथित मिलावटी घी मंगला ने तैयार किया था।
17 सितंबर को हैदराबाद ऑफिस से गिरफ्तारी
ED के मुताबिक, कैलाश चंद मंगला को 17 सितंबर को हैदराबाद स्थित उसके ऑफिस से गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उसे विशाखापट्टनम की स्पेशल PMLA कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने मंगला को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। एजेंसी का कहना है कि उसने मिलावट में इस्तेमाल होने वाली सामग्री जुटाने और अपनी फैक्ट्री में मिलावटी घी तैयार करने में मदद की।
पाम ऑयल और दूसरे केमिकल से घी तैयार करने का आरोप
ED के अनुसार, तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) को एगमार्क स्पेशल ग्रेड काउ घी के नाम पर कथित तौर पर अलग-अलग पदार्थों से तैयार घी सप्लाई किया गया। एजेंसी के मुताबिक, इसमें रिफाइंड पाम ऑयल, पाम कर्नेल ऑयल, पामोलिन, MG-90, मोनोग्लिसराइड्स, मायवसेट सॉफ्ट 400 और एसीटिक एसिड एस्टर जैसे पदार्थों का इस्तेमाल किया गया था।
तीन कंपनियों के जरिए सप्लाई में मदद का आरोप
ED का आरोप है कि मंगला ने वैष्णवी डेयरी स्पेशियलिटीज, मल्गंगा मिल्क एंड एग्रो प्रोडक्ट्स और ए.आर. डेयरी फूड्स जैसी कंपनियों के जरिए कथित मिलावटी घी की सप्लाई में भी मदद की। एजेंसी के मुताबिक, घी और रिफाइंड पाम ऑयल की खरीद-बिक्री से जुड़े फर्जी रिकॉर्ड भी तैयार किए गए। आरोप है कि इन रिकॉर्ड के जरिए मिलावटी सामग्री के इस्तेमाल को छिपाया गया और उसे असली गाय के घी के तौर पर दिखाने की कोशिश की गई।
विपिन जैन भी गिरफ्तार हो चुके हैं
ED इस मामले में इससे पहले भोले बाबा ऑर्गेनिक डेयरी मिल्क के प्रमोटर और डायरेक्टर विपिन जैन को भी गिरफ्तार कर चुकी है।
TDP ने YSR कांग्रेस सरकार पर लगाया था आरोप
18 सितंबर 2025 को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की पार्टी TDP ने आरोप लगाया था कि राज्य की तत्कालीन YSR कांग्रेस सरकार के दौरान तिरुपति मंदिर के लड्डू प्रसाद में जानवरों की चर्बी वाला घी और फिश ऑयल मिलाया गया। इसके अगले दिन TDP ने एक लैब रिपोर्ट सामने रखी और दावा किया कि इससे उसके आरोपों की पुष्टि होती है।
300 साल से ज्यादा पुरानी है लड्डू प्रसाद की परंपरा
तिरुमाला मंदिर में रोजाना 3.5 लाख से अधिक भक्तों को लड्डू प्रसाद दिया जाता है। यह परंपरा 1715 से चली आ रही है और इसे 300 साल से ज्यादा पुराना बताया गया है।लड्डू मंदिर की रसोई पोट्टु में तैयार किए जाते हैं। इन्हें बनाने का काम पारंपरिक कारीगर पीढ़ियों से करते आ रहे हैं। भक्तों को देने से पहले लड्डू भगवान वेंकटेश्वर को चढ़ाए जाते हैं।
लड्डू बनाने की प्रक्रिया को 'दित्तम' कहते हैं
लड्डू बनाने की पूरी प्रक्रिया को ‘दित्तम’ कहा जाता है। इसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री और उसकी मात्रा को लेकर तय नियमों का पालन किया जाता है। बताया गया है कि लंबे समय में लड्डू की रेसिपी में सिर्फ छह बार बदलाव हुआ है। शुरुआत में इन्हें बेसन और गुड़ की चाशनी से तैयार किया जाता था, जिससे इन्हें लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सके। बाद में स्वाद और पौष्टिकता बढ़ाने के लिए बादाम, काजू और किशमिश भी इसमें शामिल किए गए।
Next Story





