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एक ही परिवार के तीन लोगों ने फांसी लगाकर की आत्महत्या,पड़ोसियों में डर

SHIDDHANT
12 Dec 2025 9:14 PM IST
एक ही परिवार के तीन लोगों ने फांसी लगाकर की आत्महत्या,पड़ोसियों में डर
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विवाद
Delhi दिल्ली: कालकाजी इलाके से शुक्रवार को एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई, जहां एक ही परिवार के तीन सदस्यों ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। मृतकों में 52 वर्षीय मां अनुराधा कपूर और उनके दो बेटे आशीष (32) और चैतन्य (27) शामिल हैं। पुलिस ने इस घटना की पुष्टि की है और शवों को पोस्टमार्टम के लिए AIIMS भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, यह घटना उस समय सामने आई जब कोर्ट के आदेश पर कब्जा दिलाने के लिए एक टीम घर पहुंची। टीम ने कई बार दरवाजा
खटखटाया
, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद डुप्लीकेट चाबी से ताला खोला गया और अंदर जाकर तीनों के शव पंखे से लटके हुए पाए गए। मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला, जिसमें स्पष्ट था कि परिवार लंबे समय से अवसाद में था।

पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि परिवार आर्थिक तंगी से गुजर रहा था। घर को लेकर विवाद भी चल रहा था, जिस कारण परिवार तनाव और दबाव में था। शुरुआती जांच में यह संकेत मिला कि आर्थिक परेशानियां और घर संबंधी विवाद इस घटना के प्रमुख कारण हो सकते हैं। अनुराधा कपूर और उनके दो बेटों का शव देखकर पुलिस अधिकारी भी सकते में थे। शव फंदे से लटके हुए पाए गए और जांच के दौरान मिले सुसाइड नोट से पता चला कि तीनों लंबे समय से मानसिक दबाव और डिप्रेशन से जूझ रहे थे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शवों का पोस्टमार्टम कर कारणों की पुष्टि की जाएगी।

पुलिस ने कहा कि इस घटना के बाद आसपास के पड़ोसियों और रिश्तेदारों में भी शोक का माहौल है। पड़ोसियों का कहना है कि उन्होंने पहले किसी तरह का तनाव या असामान्य व्यवहार नहीं देखा। हालांकि, सुसाइड नोट में आर्थिक और व्यक्तिगत परेशानियों का जिक्र है। इस घटना ने मानसिक स्वास्थ्य और आर्थिक दबाव के महत्व को एक बार फिर उजागर किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी और लगातार आर्थिक परेशानियों का मानसिक स्थिति पर गहरा प्रभाव पड़ता है, जो कभी-कभी इस तरह की दुखद घटनाओं का कारण बन सकता है।

पुलिस ने पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है और इस मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम और सुसाइड नोट की समीक्षा के बाद ही अंतिम रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इस घटना ने समाज में आर्थिक तंगी और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता को रेखांकित किया है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि परिवार और दोस्तों के सहयोग, मानसिक स्वास्थ्य काउंसलिंग और समय पर आर्थिक सलाह इस तरह की घटनाओं को रोकने में मदद कर सकते हैं। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि परिवार के अन्य सदस्य या रिश्तेदार इस घटना के बाद किस तरह प्रभावित हुए हैं। पुलिस लगातार सभी पहलुओं की जांच कर रही है और घटना के पीछे छिपे कारणों का पता लगाने के प्रयास कर रही है।
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