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छात्र आंदोलन के बीच JPSC के तीन सदस्यों का इस्तीफा

SHIDDHANT
9 Aug 2026 7:45 PM IST
छात्र आंदोलन के बीच JPSC के तीन सदस्यों का इस्तीफा
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JPSC में तीन सदस्यों के इस्तीफे से बढ़ी हलचल
Ranchi रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) में छात्र आंदोलन के बीच बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। आयोग के तीन सदस्यों अजीता भट्टाचार्य, जमील अहमद और अनिमा हांसदा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। तीनों सदस्यों ने अपना इस्तीफा झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार को भेजा था, जिसे राज्यपाल ने मंजूर कर लिया है। तीन सदस्यों के इस्तीफे के बाद अब JPSC में आगे की नियुक्ति और प्रशासनिक प्रक्रिया को लेकर नजरें टिकी हुई हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है, जब झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और परीक्षा व्यवस्था को लेकर छात्र संगठन लगातार आंदोलन कर रहे हैं। बड़ी संख्या में छात्र अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों का अभी तक समाधान नहीं हुआ है।
इसी बीच छात्र संगठनों और सरकार के प्रतिनिधियों के बीच मांगों को लेकर लंबी बैठक भी हुई। जानकारी के मुताबिक, बैठक पांच घंटे से अधिक समय तक चली। इस दौरान छात्र संगठनों के साथ तीन दौर की बातचीत की गई। हालांकि, कई दौर की चर्चा के बावजूद सभी मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी। सरकार की ओर से दावा किया गया है कि छात्रों की करीब 98 प्रतिशत मांगें मान ली गई हैं। वहीं, छात्र संगठनों का कहना है कि उनकी कई अहम मांगों पर अभी तक ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इसी मतभेद के चलते छात्रों का आंदोलन जारी है।
छात्रों की सबसे बड़ी आपत्तियों में विभिन्न परीक्षाओं से जुड़ी शिकायतें और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग शामिल है। सरकार ने फिलहाल 14वीं परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया है, लेकिन छात्र इससे पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि केवल एक परीक्षा रद्द करने से उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होगा। वे अन्य परीक्षाओं से जुड़े मामलों की जांच और परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं। JPSC के तीन सदस्यों के इस्तीफे को छात्र आंदोलन के बीच महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। अब यह देखना अहम होगा कि आयोग में रिक्त हुए पदों को भरने के लिए सरकार और राजभवन की ओर से क्या प्रक्रिया अपनाई जाती है और छात्रों की बाकी मांगों पर आगे क्या फैसला होता है।
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