रियल मनी गेम खिलाने वाले तीन संस्थापक गिरफ्तार, ED ने लिया एक्शन

ईडी सूत्रों के मुताबिक, कंपनी और उससे जुड़ी अन्य संस्थाओं के खिलाफ कई एफआईआर दर्ज थीं। इन मामलों में धोखाधड़ी, लोगों को गुमराह करने और ऑनलाइन गेमिंग के जरिए आर्थिक नुकसान पहुंचाने जैसे आरोप शामिल हैं। बताया जा रहा है कि कंपनी रमीकल्चर और रमीटाइम जैसे ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म चलाती थी, जहां लोग पैसे लगाकर गेम खेलते थे। जांच एजेंसी का कहना है कि इन ऐप्स और प्लेटफॉर्म्स से जुड़े कई गंभीर आरोप सामने आए हैं। कुछ मामलों में ऐसे लोगों की आत्महत्या की भी बात सामने आई है, जो कथित तौर पर इन गेम्स में पैसा गंवाने के बाद मानसिक और आर्थिक तनाव में आ गए थे। इन्हीं शिकायतों और एफआईआर के आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज किया।
7 मई 2026 को ईडी ने कर्नाटक और एनसीआर क्षेत्र में कुल 17 ठिकानों पर छापेमारी की। ये छापे गेम्सक्राफ्ट समूह की कंपनियों, संस्थापकों और कुछ कर्मचारियों से जुड़े स्थानों पर मारे गए। तलाशी के दौरान कई अहम दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक सबूत जब्त किए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ईडी का कहना है कि जांच के दौरान मिले दस्तावेजों और अन्य सामग्री के आधार पर एजेंसी को मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पर्याप्त संकेत मिले। इसके बाद 8 मई 2026 को तीनों संस्थापकों को पीएमएलए की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया। दीपक सिंह और पृथ्वी राज सिंह को एनसीआर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। बाद में उन्हें बेंगलुरु की अदालत में पेश करने के लिए ट्रांजिट रिमांड लिया गया। वहीं विकास तनेजा को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया और स्थानीय अदालत में पेश किया गया। फिलहाल ईडी इस पूरे नेटवर्क और वित्तीय लेनदेन की गहराई से जांच कर रही है।





