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Bhubaneswar भुवनेश्वर: इन्फोसिटी पुलिस ने रविवार को पश्चिम बंगाल से 51 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। उस पर आरोप है कि उसने खुद को पूर्व लोकसभा सांसद का बेटा और एक निजी कंपनी का सीईओ बताकर कई लोगों से करीब 3 करोड़ रुपए की ठगी की। आरोपी की पहचान सचिदानंद भोई के रूप में हुई है। वह ओडिशा के बरगढ़ जिले के भेड़ेन थाना क्षेत्र के केंदुपाली गांव का निवासी है। फिलहाल, वह कटक जिले के फूलनखरा इलाके में रह रहा है। जोन-6 के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) मानस रंजन प्रधान ने मीडिया को बताया कि आरोपी ने खुद को पूर्व सांसद कृपासिंधु भोई का बेटा बताकर कई लोगों को ठगा।
उन्होंने बताया कि आरोपी ने भुवनेश्वर के पाटिया इलाके में 'गो स्पीडी गो' (हाइफर्क टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड) नामक ऑटो-टेक कंपनी का कार्यालय खोला था। यह कंपनी घर-घर जाकर वाहन सर्विसिंग की सुविधा देने का दावा करती थी। सचिदानंद भोई खुद को कंपनी का सीईओ और निदेशक बताकर लोगों को नौकरी पर रखता था। उसने भुवनेश्वर के खंडगिरि और गंजाम जिले में भी कार्यालय स्थापित किए थे।पुलिस के अनुसार, आरोपी लोगों को कंपनी की फ्रेंचाइजी देने के नाम पर आकर्षित करता था। वह उन्हें पूरा व्यापारिक सहयोग, निश्चित कारोबार और मुनाफे की गारंटी का भरोसा देता था। इसके अलावा, कर्मचारियों को नियमित वेतन देने का वादा कर भर्ती भी करता था।
जांच में पता चला कि वह मुख्य रूप से अपने कर्मचारियों को निशाना बनाता था और उनसे अपने रिश्तेदारों तथा परिचितों को फ्रेंचाइजी लेने के लिए प्रेरित करता था। उसके झांसे में आकर कई लोगों ने कंपनी की फ्रेंचाइजी लेने के लिए 1.5 लाख से 2 लाख रुपए तक निवेश किए। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने फ्रेंचाइजी धारकों से जुटाए गए लगभग 2.30 करोड़ रुपए और कर्मचारियों के वेतन के लिए रखे गए करीब 63 लाख रुपए का कथित रूप से गबन किया। उसने न तो फ्रेंचाइजी धारकों को वादा की गई सेवाएं दीं और न ही कर्मचारियों को वेतन का भुगतान किया।
बाद में वह अपने कार्यालय बंद कर फरार हो गया। एसीपी प्रधान ने बताया कि अब तक करीब 200 से 250 लोगों ने उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है और ठगी की रकम 3 करोड़ रुपए से अधिक बताई जा रही है। जांच के बाद पुलिस ने आरोपी को पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले के खरीबाड़ी थाना क्षेत्र में भारत-नेपाल सीमा के पास स्थित उसके ठिकाने से गिरफ्तार किया। बाद में उसे सिलीगुड़ी की एक स्थानीय अदालत में पेश किया गया और ट्रांजिट रिमांड पर ओडिशा लाया गया।
प्रधान ने बताया कि मामले की आगे की जांच के लिए पुलिस अदालत से आरोपी को रिमांड पर लेने की अनुमति मांगेगी। जांच के दौरान यह भी पता चला कि सचिदानंद भोई के खिलाफ क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन, स्पेशल क्राइम यूनिट, शहीद नगर थाना, पहाला थाना और झारसुगुड़ा जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में भी कई मामले दर्ज हैं।
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