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Gonda गोंडा। उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में वर्ष 2022 में हुए चर्चित श्याम सिंह हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। यह फैसला ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत सुनाया गया, जिसके तहत गंभीर आपराधिक मामलों में त्वरित सुनवाई कर दोषियों को सजा दिलाई जा रही है।
मामले की सुनवाई कर रहे अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सूर्य प्रकाश सिंह की अदालत ने ममता, अन्नपूर्णा उर्फ चन्नी देवी और सोन बहादुर को हत्या का दोषी करार दिया। अदालत ने तीनों अभियुक्तों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही प्रत्येक दोषी पर 15-15 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, वर्ष 2022 में श्याम सिंह घर से शौच के लिए निकले थे, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटे। परिजनों और ग्रामीणों ने उनकी तलाश शुरू की, जिसके बाद उनका शव गांव के बाहर एक गड्ढे में मिला था। घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी और परिजनों ने हत्या की आशंका जताई थी।
मामले की जांच करनैलगंज पुलिस ने की। विवेचना के दौरान पुलिस को कई महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले, जिनके आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि श्याम सिंह की हत्या एक सुनियोजित साजिश के तहत की गई थी। जांच में जुटी पुलिस टीम ने पर्याप्त सबूत एकत्र कर आरोपियों के खिलाफ मजबूत चार्जशीट अदालत में दाखिल की।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए। उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी मानते हुए कड़ी सजा सुनाई। अधिकारियों के मुताबिक, यह फैसला अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। वहीं, इस निर्णय से यह संदेश भी गया है कि गंभीर अपराध करने वालों को कानून के शिकंजे से बचना आसान नहीं है।
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