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नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर जहां तमाम राजनीतिक पार्टियां तैयारियों में जुटी हुई हैं, वहीं, कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने चुनाव आयोग से मांग की है कि प्रदेश के विधानसभा चुनाव को रोक दिया जाए, जब तक कि विचाराधीन मामले सुलझा नहीं लिए जाते हैं। इस बाबत कांग्रेस नेता ने चुनाव आयोग को पत्र भी लिखा है।
बातचीत में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि चुनाव में हिस्सा लेना सभी सही वोटरों का कानूनी हक है; यह हमारा कानूनी हक है। लेकिन, अभी हम बंगाल में देख रहे हैं कि 60 लाख लोगों के नाम वोटर लिस्ट में नहीं हैं। इसलिए, एक प्रोसेस शुरू किया गया है, जिसे 'अंडर एडजुडिकेशन्स' कहा जा रहा है, मतलब ये मामले विचाराधीन हैं। कब तक खत्म होगा इसका जिक्र नहीं है।
उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि जब तक वोटर लिस्ट से एक भी वैध वोटर बाहर रहे, तब तक चुनाव नहीं होने चाहिए। नहीं तो, आम लोगों के संवैधानिक अधिकारों से वंचित किया जाएगा। इसलिए, जब तक फाइनल वोटर लिस्ट की घोषणा नहीं हो जाती, और सभी पेंडिंग मामले हल नहीं हो जाते, बंगाल में चुनाव नहीं होने चाहिए।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उठाए गए घुसपैठ के मुद्दे पर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि अगर कोई 'घुसपैठियों' के मुद्दे पर बात किए बिना बंगाल जाएगा, तो चुनाव कैसे निष्पक्ष हो सकते हैं। दशकों से घुसपैठियों के बारे में बात कर रहे हैं, लेकिन चुनाव के बाद ये घुसपैठिए कहां गायब हो जाते हैं? चुनाव के समय तो घुसपैठियों के मुद्दों को उठाया जाता है, लेकिन चुनाव खत्म होते ही वे गायब हो जाते हैं।
बंगाल चुनाव के बहिष्कार करने की मांग पर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि मैं भी एक मांग कर रहा हूं कि चुनाव रोक दिए जाएं। अहम बात यह है कि जिस तरह से इलेक्शन कमीशन अपना काम कर रहा है, उसमें हम देख रहे हैं कि आम लोगों के अधिकार छीने जा रहे हैं।
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