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Mumbai मुंबई। महाराष्ट्र राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने मंगलवार को कहा कि सुनेत्रा पवार का पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में चुनाव पूरी तरह वैध है और यह पार्टी संविधान तथा निर्धारित नियमों के अनुरूप कराया गया है। उन्होंने पार्टी में किसी भी तरह की अंदरूनी कलह की अटकलों को खारिज कर दिया। तटकरे का यह बयान पूर्व राष्ट्रीय सचिव सच्चिदानंद सिंह द्वारा सुनेत्रा पवार के चुनाव को चुनौती देते हुए कानूनी नोटिस भेजे जाने के बाद आया है। पत्रकारों से बातचीत में तटकरे ने कहा कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का चुनाव पूरी पारदर्शिता के साथ हुआ और इसमें संगठन के सभी संवैधानिक प्रावधानों तथा लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का पालन किया गया।
उन्होंने कहा कि पार्टी को मिले कानूनी नोटिस का उचित कानूनी प्रक्रिया के तहत जवाब दिया जाएगा, लेकिन उसमें लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह निराधार हैं और पार्टी में विवाद पैदा करने की कोशिश की जा रही है। तटकरे ने कहा, "पार्टी में किसी तरह की फूट या मतभेद नहीं है। सुनेत्रा पवार का राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में चुनाव संगठन के नियमों और संविधान के अनुरूप हुआ है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, एनसीपी नेतृत्व इस कानूनी नोटिस को किसी बड़े संगठनात्मक संकट के बजाय एक व्यक्तिगत शिकायत के रूप में देख रहा है और उसका कहना है कि पूरा संगठन नई राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ एकजुट है।
सच्चिदानंद सिंह ने 9 जुलाई को सुनेत्रा पवार, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल और राष्ट्रीय महासचिव बृजमोहन श्रीवास्तव को कानूनी नोटिस भेजा था। श्रीवास्तव निर्वाचन आयोग के लिए पार्टी के नोडल अधिकारी भी हैं। नोटिस में मांग की गई है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की पूरी प्रक्रिया को अवैध, अस्तित्वहीन (नॉन-एस्ट) और निरस्त घोषित किया जाए। सिंह का दावा है कि 17 फरवरी 2026 के पार्टी रिकॉर्ड के अनुसार, अजित पवार के निधन के बाद राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल को अंतरिम राष्ट्रीय अध्यक्ष का दायित्व संभालना था। लेकिन इसके बजाय 18 फरवरी 2026 को राष्ट्रीय महासचिव बृजमोहन श्रीवास्तव ने पार्टी संविधान का पालन किए बिना राष्ट्रीय अधिवेशन बुलाने और स्थायी अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू करने का प्रस्ताव पारित कर दिया।
प्रफुल्ल पटेल ने भी कहा कि पार्टी में किसी तरह का मतभेद नहीं है और सभी वरिष्ठ नेता सुनेत्रा पवार के साथ बैठकर राजनीतिक विषयों पर चर्चा करते हैं। उन्होंने कहा कि सच्चिदानंद सिंह का पत्र कोई विशेष महत्व नहीं रखता और पार्टी के हित में सभी मुद्दों का समाधान आपसी बातचीत से होना चाहिए। पटेल ने कहा कि उनका इस कानूनी नोटिस से कोई संबंध नहीं है और सुनेत्रा पवार का चुनाव पूरी तरह पार्टी संविधान के अनुरूप हुआ है।
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