राम का नाम लेने के लिए कोर्ट जाने की जरूरत नहीं : विवेक गुप्ता

भाजपा नेता दिलीप घोष के इस बयान पर कि "बंगाल में कोई भी त्योहार या कार्यक्रम करने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ता है", विवेक गुप्ता ने कहा कि उपद्रव करने के लिए उन्हें कोर्ट में जाना पड़ता है, कार्यक्रम करने के लिए लोग स्वेच्छा से आते हैं। उन्होंने उदाहरण के तौर पर रामनवमी की रैलियों का जिक्र किया और बताया कि कई एनजीओ राजनीति से दूर रहते हुए, पुलिस से अनुमति लेकर शांति से कार्यक्रम करते हैं। मैं भी कई साल से राम यात्रा निकालता हूं और यह बिना किसी उपद्रव के शांति से होती है। राम का नाम लेने के लिए कोर्ट जाने की जरूरत नहीं है, भाजपा क्यों उपद्रव करना चाहती है, यह सवाल है।"
उत्तर 24 परगना के गोबरडांगा थाना क्षेत्र में मंदिर में आगजनी और तोड़फोड़ की घटना पर उन्होंने दुख जताया और कहा कि प्रशासन अपना काम करेगा। यह दुखद घटना है और मैं विश्वास करता हूं कि कानून और पुलिस व्यवस्था दोषियों को सजा देगी। ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी ने कभी भी धर्म में राजनीति या राजनीति में धर्म को बढ़ावा नहीं दिया है। हावड़ा में तृणमूल हिंदी सेल को रामनवमी यात्रा के लिए पुलिस से अनुमति नहीं मिलने पर विवेक गुप्ता ने कहा कि हावड़ा में हमने पुलिस से अनुमति मांगी थी। मेरी खुद एसपी साहब से बात हुई थी और उन्होंने हमें यात्रा का रास्ता बदलने की सलाह दी थी। हम पुलिस-प्रशासन की सलाह मानते हुए काम करेंगे।





