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नई दिल्ली (आईएएनएस)| केंद्रीय रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने दावा किया है कि पिछले तीन साल में रेल हादसों में कमी आई है।
पिछले दिन वर्षो में जहां रेल हादसों में कमी आई है वहीं तेजी से ट्रैक नवीनीकरण, अल्ट्रासोनिक रेल डिटेक्शन सिस्टम, प्राथमिकता के आधार पर कई मानव रहित क्रॉसिंगों को खत्म करने सहित सुरक्षा उपायों, एक विशेष सुरक्षा निधि के साथ-साथ एंटी-क्लाइम्बिंग सुविधाओं के साथ परिष्कृत लिंके हॉफमैन बुश (एलएचबी) कोचों ने अतिरिक्त रूप से ट्रेन बनाने में भी मदद की है।
रेल, संचार और इलेक्ट्रॉनिक मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को लोकसभा में जानकारी देते हुए कहा कि यात्री रेल मार्ग पर पड़ने वाले भारतीय रेलवे के ब्रॉड गेज (बीजी) नेटवर्क पर सभी मानव रहित समपारों (यूएमएलसी) को 31.01.2019 तक समाप्त कर दिया गया था। भारतीय रेलवे पर मीटर गेज (एमजी) और नैरो गेज (एनजी) खंडों पर केवल 751 यूएमएलसी मौजूद हैं, जिन्हें उन खंडों के गेज परिवर्तन के दौरान समाप्त करने की योजना है। पिछले तीन वर्षों के दौरान मानवरहित समपारों पर परिणामी रेल दुर्घटनाओं की संख्या 'शून्य' है। देश में यूएमएलसी पर रेल दुर्घटनाओं को कम करने के लिए भारतीय रेलवे द्वारा कई कदम उठाए गए हैं।
जिसके तहत ब्रॉड गेज (बीजी) पर सभी मानव रहित समपार (यूएमएलसी) को 31.01.2019 तक समाप्त कर दिया गया है। उच्च रेल और सड़क वाहनों के यातायात वाले समपारों पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए या तो मानवयुक्त हैं या सिगनल के साथ इंटरलॉक किए गए हैं। समपारों पर सीटी बोर्ड, सड़क चेतावनी बोर्ड, स्पीड ब्रेकर आदि जैसे बुनियादी ढांचे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर निर्देश और निरीक्षण अभियान चलाए जा रहे हैं।
इसके अलावा, समपारों पर सुरक्षित मार्ग के लिए सड़क उपयोगकर्ताओं के बीच सुरक्षा जागरूकता पैदा करने के लिए जन जागरूकता अभियान और सुरक्षा मुहीम चलाए जाते हैं।
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