
यूपी। सहारनपुर में रामपुर मनिहारान में हुई सनसनीखेज हत्या की वारदात के बाद मृतक शिवकुमार की पत्नी आकांक्षा का आरोप है कि हमलावरों का असली निशाना वह थी। बताया जा रहा है कि बाइक सवार हमलावर पहले आकांक्षा की ओर बढ़े, लेकिन शिवकुमार उनके सामने आ गया। इसी दौरान हमलावरों ने उस पर गोली चला दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार परीक्षा समाप्त होने के बाद से ही कुछ संदिग्ध युवक स्कॉर्पियो का पीछा कर रहे थे। परीक्षा केंद्र से करीब 500 मीटर दूर मौका मिलते ही उन्होंने वाहन को घेर लिया। वारदात के समय हाईवे पर वाहनों का दबाव था, जिससे स्कॉर्पियो की रफ्तार धीमी हो गई और हमलावरों को हमला करने का अवसर मिल गया। आकांक्षा ने आरोप लगाया कि विवाह के समय उसके भाइयों ने दोनों को जान से मारने की धमकी दी थी। चार माह बाद वही धमकियां हकीकत में बदल गईं।
पुलिस इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए सभी पहलुओं की जांच कर रही है। परीक्षा समाप्त होने के बाद कुछ बाइक सवार युवक लगातार स्कॉर्पियो के पीछे लगे रहे। शुरुआत में किसी ने इसे सामान्य घटना समझा, लेकिन कुछ ही मिनट बाद उन्होंने वाहन को घेरकर हमला कर दिया। पुलिस सीसीटीवी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर उनकी पहचान में जुटी है। आकांक्षा का कहना है कि प्रेम विवाह के बाद उसके भाइयों ने दोनों को खुलेआम जान से मारने की धमकी दी थी। परिवार के विरोध के कारण दोनों गांव छोड़कर रहने लगे थे। अब पत्नी का आरोप है कि उन्हीं धमकियों को अंजाम देने के लिए यह पूरी साजिश रची गई।
शिवकुमार की हत्या के बाद पीड़ित परिवार पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि यदि परीक्षा केंद्र पर तैनात पुलिसकर्मी उनकी आशंका को गंभीरता से लेते और समय रहते सतर्कता बरतते तो शायद शिवकुमार की जान बच सकती थी। परिजनों के अनुसार मंगलवार को आकांक्षा पुलिस भर्ती परीक्षा देने रामपुर मनिहारान स्थित केंद्र पर पहुंची थी। आरोप है कि परीक्षा के दौरान और केंद्र के बाहर आकांक्षा के भाइयों की बहन और उसके पति शिवकुमार से कहासुनी हुई थी। बताया जाता है कि भाइयों ने आकांक्षा को अपने साथ घर चलने के लिए कहा, लेकिन उसने साफ इनकार कर दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तनावपूर्ण माहौल बना। परिजनों का दावा है कि जाते समय कुछ लोगों ने आगे मिलने की बात भी कही थी, जिससे उन्हें किसी अनहोनी की आशंका हो गई थी। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि खतरे को देखते हुए उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों को पूरी स्थिति बताने और सुरक्षा देने की गुहार लगाई, लेकिन उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया।





