अमेरिका-वेनेजुएला के बीच चल रहे विवाद ने युद्ध की शक्ल अख्तियार कर ली है. अमेरिका अब सीधे-सीधे वेनेजुएला को धमकी दे रहा है और उसके तेल पर सीधा-सीधा अपना हक जता रहा है. खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका वेनेजुएला में अपने तेल और ऊर्जा अधिकार वापस चाहता है, जिन्हें ट्रंप के मुताबिक वहां की सरकार ने अवैध तरीके से छीन लिया था. ट्रंप ने ये बात पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही और कहा कि वेनेजुएला ने हमारी सारी ऊर्जा और तेल के अधिकार ले लिए थे. ये सब कुछ गैरकानूनी रूप से हुआ और अब हम इसे वापस चाहते हैं.
इससे पहले ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर बताया था कि वेनेजुएला को दक्षिण अमेरिका की अब तक की सबसे बड़ी नौसैनिक घेराबंदी का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि यह घेराबंदी तब तक बढ़ती रहेगी, जब तक कराकास चोरी किया गया तेल और उससे जुड़ी संपत्तियां वापस नहीं करता. वेनेजुएला ने अमेरिका के इस कदम की कड़ी आलोचना की है और संयुक्त राष्ट्र से शिकायत की है. कुल मिलाकर जंग मुहाने पर खड़ी है.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगी और व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर ने भी वेनेजुएला के तेल को लेकर विवादित बयान दिया है. उन्होंने ट्रंप की बात को दोहराते हुए कहा कि वेनेजुएला का तेल असल में अमेरिका का है और वहां तेल उद्योग का राष्ट्रीयकरण चोरी था. मिलर ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अमेरिकी मेहनत, तकनीक और पूंजी से वेनेजुएला में तेल उद्योग खड़ा हुआ था.





