भारत

शिवसेना UBT के 6 एमपी के शिंदे गुट में विलय पर SC ने लोकसभा अध्यक्ष कार्यालय और सांसदों से मांगा जवाब

jantaserishta.com
22 July 2026 1:05 PM IST
शिवसेना UBT के 6 एमपी के शिंदे गुट में विलय पर SC ने लोकसभा अध्यक्ष कार्यालय और सांसदों से मांगा जवाब
x
नई दिल्ली: शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में विलय को मंजूरी देने के लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को सुनवाई की।
सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा अध्यक्ष के कार्यालय और पार्टी छोड़ने वाले छह सांसदों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। हालांकि, अदालत ने फिलहाल लोकसभा अध्यक्ष के फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी।
शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अरविंद सावंत ने लोकसभा अध्यक्ष के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने मामले की सुनवाई की। याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में कहा गया कि संसद में एक राजनीतिक दल के रूप में शिवसेना (यूबीटी) का कामकाज प्रभावित हो गया है। पार्टी के ये छह सांसद अब उसके साथ नहीं हैं और लोकसभा अध्यक्ष ने उनके दूसरी पार्टी में विलय को मान्यता दे दी है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद के मानसून सत्र से पहले शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में विलय को मंजूरी दी थी। इसके बाद लोकसभा में शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों की संख्या घटकर तीन रह गई। लोकसभा अध्यक्ष ने दलबदल संबंधी प्रावधानों के तहत उनके विलय को मान्यता दी थी।
इससे पहले मंगलवार को शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में विलय को मंजूरी मिलने पर पार्टी नेता संजय राउत ने कहा, "ये बागी नहीं बल्कि गद्दार हैं। भगत सिंह और सुखदेव जैसे क्रांतिकारी बागी थे। सोमवार को सड़कों पर उतरे छात्र भी बागी थे, लेकिन जो पैसे लेकर बिक गए, वे गद्दार हैं। अगर हमारे छह सांसद उनके साथ चले गए हैं, तो वे गद्दार हैं। वे 'मंगल मिलन' में शामिल हो रहे हैं। अगर वे किसी असली संघर्ष में शामिल होते, तो मैं उन्हें स्वीकार करता।"
वहीं, शिवसेना के नेता संजय निरुपम ने कहा, "छह सांसदों ने कोई गैरकानूनी कदम नहीं उठाया है। कानून उन्हें यह अधिकार देता है कि अगर उनके पास दो-तिहाई बहुमत है तो वे किसी भी पार्टी में शामिल हो सकते हैं।"
jantaserishta.com

jantaserishta.com

भारत के भले ही किसी कोने में आप रह रहे हों, जनता से रिश्ता वेबसाइट पर आपके राज्य की हर छोटी-बड़ी खबर मिलेगी। राजनीति, खेल, चुनाव, बिजनेस, सिनेमा, इस प्लैटफॉर्म पर बस एक क्लिक करते ही हमेशा पाएं ताजा खबरें। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के बाकी राज्यों और शहरों की कोई जानकारी हो, हम आपको देते हैं। सियासी रण हो या बजट का मौसम, कहां चल रहा क्या सियासी दांव-पेच, आपके गांव में किसकी सरकार, हर अपडेट यहां आपको मिलेंगे। तो फिर अपने राज्य की हर हलचल के लिए जुड़े रहिए जनता से रिश्ता के साथ।

    Next Story