भारत

मथुरा पहुंची 'सनातन एकता पदयात्रा', धीरेंद्र शास्त्री ने एएसपी अनुज चौधरी को किया सैल्यूट

SHIDDHANT
13 Nov 2025 10:56 PM IST
मथुरा पहुंची सनातन एकता पदयात्रा, धीरेंद्र शास्त्री ने एएसपी अनुज चौधरी को किया सैल्यूट
x
Mathura मथुरा। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की 'सनातन एकता पदयात्रा' गुरुवार को भारी उत्साह के बीच भगवान कृष्ण की नगरी मथुरा में दाखिल हुई। पिछले सात दिनों से चल रही इस यात्रा का यूपी-हरियाणा बॉर्डर से मथुरा तक जगह-जगह भव्य स्वागत किया गया। सनातन एकता पदयात्रा का उद्देश्य हिंदू एकता का संदेश फैलाना है। हालांकि, यात्रा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री का अचानक से स्वास्थ्य खराब हो गया था और उन्हें सड़क पर कुछ देर आराम करना पड़ा था। बावजूद इसके उन्होंने अपनी दृढ़ता दिखाई और अचार-पराठा खाकर यात्रा जारी रखी।
मथुरा में पदयात्रा की सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाल रहे एएसपी अनुज चौधरी और उनके दल की मुस्तैदी को देखते हुए एक अनूठी घटना हुई। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने खुद सुरक्षा के कड़े इंतजामों के लिए एएसपी अनुज चौधरी को सैल्यूट किया, जो पुलिस और जनता के बीच सद्भावना का प्रतीक बना। मथुरा में यह पदयात्रा अगले चार दिनों में लगभग 55 किलोमीटर की दूरी तय करेगी, जिसके लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। भक्तों का उत्साह चरम पर है, जिन्होंने फूलों की वर्षा कर और जय श्री राम के नारों के साथ शास्त्री का स्वागत किया। इस दौरान हनुमान की वेशभूषा में भक्त और सीता-राम की झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं।
धीरेंद्र शास्त्री ने संबोधन में दिल्ली ब्लास्ट पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि वे देश में दंगा नहीं, गंगा चाहते हैं, और मौलवियों से बच्चों को डॉ. कलाम बनाने का आह्वान किया था। उनकी यात्रा अब मथुरा के धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र में प्रवेश कर चुकी है।
आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि ये हिंदुओं की यात्रा है। इसमें किसी भी पार्टी का कोई भी शामिल हो सकता है जो आएगा उसका स्वागत रहेगा। यह यात्रा हिंदू समाज में व्याप्त जाति भेदभाव, छुआछूत और सामाजिक विभाजन को मिटाने के लिए है। यह यात्रा सनातन धर्म की रक्षा और हिंदू एकता का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि भारत एक धर्मशाला नहीं है। यहां उन लोगों को रहने का अधिकार नहीं है जो देश के बाहर के हैं। मेरा मानना है कि सरकार इन लोगों को खोजे और देश से निकालने का काम करे। हमारा मानना है कि जो इस देश के नहीं हैं, उनको यहां रहने का अधिकार नहीं है।
Next Story