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सड़क परिवहन मंत्रालय की रिपोर्ट आई, हादसों को लेकर हुआ ये खुलासा

jantaserishta.com
26 May 2022 9:45 AM GMT
सड़क परिवहन मंत्रालय की रिपोर्ट आई, हादसों को लेकर हुआ ये खुलासा
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नई दिल्ली: सड़क हादसों (Road Accidents in India) को लेकर डरावने आंकड़े सामने आए हैं. इसमें बताया गया है कि रोड एक्सीडेंट के मामलों में साल 2020 में रिकॉर्ड टूट गया. इस दौरान हुए हादसे पिछले 20 सालों के मुकाबले सबसे ज्यादा भयावह थे. 2020 में हर 100 हादसों में 36 ने अपनी जान गंवाई. ये आंकड़े सड़क और परिवहन विभाग ने बुधवार को जारी किये हैं.

किस साल को कितना भयावह माना जाए. इसका अंदाजा इस बात से ही लगता है कि उस साल प्रति 100 हादसों में कितने लोगों ने जान गंवाई.
साल 2020 में ही कोरोना वायरस आया था. मतलब साफ है कि कोविड काल में ट्रैफिक नियमों की खुलकर धज्जियां उड़ाई गई हैं.
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साल 2020 में सड़क हादसों में कुल 1,31,714 मौतें हुईं. वहीं 2019 में यह नंबर 1,15,113 था.
साल 2020 में हर 100 हादसों में 36 लोगों ने अपनी जान गंवाई
2020 में सड़क हादसों में जान गंवाने वाले लोगों में सबसे ज्यादा टू-व्हीलर वाले थे. कुल मौतों में से मरने वाले 43.5 फीसदी लोग दो-पहिया वाहन चालक थे.
2020 में 57,282 दो-पहिया वाहन सवारों की मौत हुई. यह आंकड़ा 2018 (55,336), 2019 (56,136) से ज्यादा है.
राहत की बात यह है कि हेलमेट पहनने को लेकर जागरूकता बढ़ी है. 2020 में 39,589 लोग ऐसे थे जिनकी हेलमेट ना पहनने की वजह से जान गई. वहीं 2019 में यह नंबर 44,666 था.
सड़क हादसों में हुई मौत में 79 फीसदी उछाल ट्रैफिक लाइट जंप करने की वजह से आया.
20 फीसदी सड़क हादसे इसलिए बढ़ गए क्योंकि ड्राइवर रान्ग साइड पर वाहन चला रहा था.
2020 में 18-45 साल के 77,500 लोगों ने सड़क हादसे में जान गंवाई. जो उस साल कुल सड़क हादसों का 69 फीसदी था.
रिपोर्ट में दिखाया गया है कि कोविड काल की पहली लहर के वक्त जो पाबंदियां लगी थीं, उनके हटने के बाद सड़क हादसे बढ़ गए.
डेटा दिखाता है कि अप्रैल 2020 (जब कड़ा लॉकडाउन था) में मौत का आंकड़ा 3,172 तक गिर गया था. जबकि फरवरी 2020 में यह 13,132 पर था. फिर मई 2020 और नवंबर-दिसंबर में सड़क हादसे फिर बढ़े.

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