भारत
दिल्ली में आज फिर होगा खेला, क्या करेंगे उद्धव ठाकरे? कई सांसद पाला बदलने को तैयार
jantaserishta.com
17 Jun 2026 8:12 AM IST

x
कई सांसदों के पार्टी से अलग होने की अटकलों ने जोर पकड़ लिया है.
नई दिल्ली: महाराष्ट्र में लिखी गई 'ऑपरेशन टाइगर' की पठकथा को अमलीजामा पहनाने का काम शुरू हो गया है. उद्धव ठाकरे की शिवेसना (यूबीटी) के साथ आज ही सारा खेला हो जाएगा. शिवसेना (यूबीटी) में टूट अब तय हो गई है, उद्धव के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 सांसद पार्टी छोड़ सकते हैं और एकनाथ शिंदे की पार्टी का दामन थाम सकते हैं.
उद्धव की शिवसेना (यूबीटी) के 9 में से 6 लोकसभा सांसद दिल्ली पहुंच गए हैं तो दूसरी तरफ महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे दिल्ली पहुंचे हैं. दूसरी तरफ उद्धव सेना भी डैमेज कन्ट्रोल के लिए दिल्ली पहुंच गई है.
महाराष्ट्र की सियासी लड़ाई का दिल्ली सियासी मैदान बन गया है. बंगाल की टीएमसी की बगावत का एपिसेंटर जिस तरह बीजेपी नेता भूपेंद्र यादव का घर बना था, उसी तरह एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे का दिल्ली आवास 'ऑपरेशन टाइगर' का एपिसेंटर बना रहा है.
उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना (यूबीटी) के 6 लोकसभा सांसद टूटने की तैयारी कर ली है जबकि, शिंदे गुट के नेताओं का दावा था कि 7 लोकसभा सांसदों से बातचीत हो रही है. ऑपरेशन टाइगर की सुगबुगाहट के बीच रविवार को उद्धव ठाकरे की ओर से मातोश्री में बुलाई गई बैठक में 9 में से 4 सांसद ही पहुंचे थे. अरविंद सावंत, अनिल देसाई, संजय दीना पाटील और राजाभाऊ वाजे शामिल थे
वहीं, पांच सांसद ओमराजे निंबालकर, संजय जाधव और भाऊसाहेब वाकचौरे, संजय देशमुख और नागेश पाटील आष्टीकर ने मातोश्री से दूरी बनाए रखी है. उद्धव ने पांचो सांसदों को अगले 48 घंटे के भीतर मातोश्री आकर पार्टी के प्रति वफादारी साबित करने को कहा था, लेकिन यह सांसद मातोश्री नहीं पहुंचे. इससे उद्धव ठाकरे को अहसास है कि कुछ सांसद उनका साथ छोड़ सकते हैं.
एकनाथ शिंदे की सेना में जाने की तैयारी कर रहे उद्धव ठाकरे के 6 सांसदों में नागेश पाटिल आष्टिकर, संजय जाधव, संजय देशमुख, भाऊसाहेब वाकचुरे और ओमराज निम्बालकर का नाम बताया जा रहा है. हालांकि, अब त साफ नहीं हो सका है कि 6वें सांसद कौन हैं.
उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) के बागी सांसद दिल्ली पहुंच गए हैं. यूबीटी के बागी सांसद की पहले एकनाथ शिंदे के साथ बैठक होगी. यह बैठक सांसद श्रीकांत शिंदे के दिल्ली आवास 31 मीना बाग, मौलाना आज़ाद रोड पर होगी, ये बैठक उसी तरह से हो रही है, जैसे ममता बनर्जी के सांसदों की बैठक बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के आवास पर हुई थी.
श्रीकांत शिंदे के आवास पर बैठक के बाद ये सांसद स्पीकर से मुलाकात करेंगे और उन्हें समर्थन पत्र सौंप सकते हैं. माना जा रहा है कि पहले ये सांसद लोकसभा में अलग गुट बनाने की प्रक्रिया पूरी करेंगे और उसके बाद इस गुट का शिंदे नेतृत्व वाली शिवसेना में विलय कराया जाएगा. शिवसेना के विधान परिषद सदस्य कृपाल तुमाने ने दावा किया कि शिवसेना (UBT) के सात सांसदों के साथ बातचीत फाइनल हो गई है और वे संसद शिंदे गुट में शामिल हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया पर पिछले एक महीने से काम चल रहा है।
ऑपरेशन टाइगर को अमलीजामा पहनाने के लिए शिंदे दिल्ली पहुंच गए हैं तो डैमेज कंट्रोल और कानूनी सलाह के लिए ठाकरे गुट के नेता दिल्ली पहुंचे हैं. सांसदों के टूट का खतरा देखते हुए शिवसेना (यूबीटी) ने लोकसभा अध्यक्ष को एक आधिकारिक पत्र सौंपकर मांग की है कि संसद में केवल शिवसेना (यूबीटी) को ही अधिकृत राजनीतिक दल के रूप में मान्यता दी जाए.
शिवसेना (यूबीटी) संसदीय दल के नेता और सांसद अरविंद सावंत द्वारा लोकसभा अध्यक्ष को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि यदि किसी अन्य गुट द्वारा मान्यता या विशेष दर्जे की मांग की जाती है, तो उस पर कोई निर्णय लेने से पहले शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाए. पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह संविधान की दसवीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) के तहत उपलब्ध कानूनी प्रावधानों का उपयोग करने का अधिकार सुरक्षित रखती है.
राज्यसभा सांसद संजय राउत और लोकसभा सांसद अनिल देसाई भी दिल्ली पहुंच गए हैं और सुबह 9 बजे प्रेस कॉफ्रेंस करेंगे, लेकिन उससे पहले ही संजय राउत ने 15-15 करोड़ रूपये में देने के आरोप लगाए गए हैं. इस तरह आरोप और प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है.
Tagsमहाराष्ट्रऑपरेशन टाइगरउद्धव ठाकरेशिवेसना (यूबीटी)MaharashtraOperation TigerUddhav ThackerayShiv Sena (UBT)
jantaserishta.com
भारत के भले ही किसी कोने में आप रह रहे हों, जनता से रिश्ता वेबसाइट पर आपके राज्य की हर छोटी-बड़ी खबर मिलेगी। राजनीति, खेल, चुनाव, बिजनेस, सिनेमा, इस प्लैटफॉर्म पर बस एक क्लिक करते ही हमेशा पाएं ताजा खबरें। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के बाकी राज्यों और शहरों की कोई जानकारी हो, हम आपको देते हैं। सियासी रण हो या बजट का मौसम, कहां चल रहा क्या सियासी दांव-पेच, आपके गांव में किसकी सरकार, हर अपडेट यहां आपको मिलेंगे। तो फिर अपने राज्य की हर हलचल के लिए जुड़े रहिए जनता से रिश्ता के साथ।
Next Story





