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थाने में हंगामे के आरोप पर सख्त हुई पुलिस एसोसिएशन ने दी आंदोलन की चेतावनी

SHIDDHANT
1 Sept 2026 9:08 PM IST
थाने में हंगामे के आरोप पर सख्त हुई पुलिस एसोसिएशन ने दी आंदोलन की चेतावनी
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Ranchi रांची। झारखंड के डुमरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक जयराम कुमार महतो और उनके समर्थकों पर पुलिसकर्मियों के साथ कथित बदसलूकी के आरोप को लेकर विवाद बढ़ गया है। झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने इस मामले में विधायक और उनके समर्थकों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया है। एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो राज्यभर में आंदोलन किया जाएगा।
मंगलवार को पुलिस एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष राहुल कुमार मुर्मू और महामंत्री संजीव कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आंदोलन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पहले चरण में 8 से 11 सितंबर तक पुलिसकर्मी वर्दी पर काला बिल्ला लगाकर अपनी ड्यूटी करेंगे। इसके बाद 19 सितंबर को सामूहिक उपवास किया जाएगा। एसोसिएशन के अनुसार, इस दौरान थानों, ओपी और पुलिस मेस में खाना नहीं बनाया जाएगा। 24 सितंबर को राज्य के सभी एसपी कार्यालयों के सामने धरना दिया जाएगा, जबकि एसोसिएशन के केंद्रीय पदाधिकारी डीजीपी कार्यालय के सामने प्रदर्शन करेंगे।
एसोसिएशन ने कहा कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो 5 से 10 अक्टूबर तक पुलिसकर्मी सामूहिक अवकाश पर जाने का फैसला करेंगे। पुलिस एसोसिएशन का आरोप है कि 22 अगस्त को धनबाद के बरवाअड्डा थाना परिसर में कांड संख्या 146/26 के सिलसिले में विधायक जयराम महतो और उनके समर्थकों ने पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की, गाली-गलौज और अमर्यादित व्यवहार किया। आरोप है कि इस दौरान एक आरोपी को छुड़ाने का प्रयास भी किया गया।
एसोसिएशन का कहना है कि प्राथमिकी दर्ज होने के पांच दिन बाद भी आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। संगठन ने आरोप लगाया कि इसके बाद सोशल मीडिया और प्रेस के माध्यम से पुलिस एसोसिएशन को धमकाने की कोशिश की गई। पुलिस एसोसिएशन ने विधायक और उनके समर्थकों की गिरफ्तारी के साथ पुलिसकर्मियों से जुड़ी कई मांगें भी रखी हैं। इनमें वर्दी और राशन भत्ते में बढ़ोतरी, सातवें वेतनमान के अनुसार भत्तों का पुनरीक्षण, केंद्रीय पुलिस की तर्ज पर दो बच्चों के लिए शिक्षा भत्ता और स्वास्थ्य भत्ता बढ़ाने की मांग शामिल है। इसके अलावा लंबे समय से एक ही जिले में तैनात पुलिसकर्मियों के तबादले और समय पर पदोन्नति की मांग भी की गई है। एसोसिएशन ने जनप्रतिनिधियों की ओर से पुलिस कार्यों में कथित हस्तक्षेप रोकने के लिए कड़ा कानून बनाने की मांग उठाई है।
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