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नारदीगंज अंचल अधिकारी कार्यालय के निजी मुंशी 19 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार

Shantanu Roy
23 Sept 2025 11:49 PM IST
नारदीगंज अंचल अधिकारी कार्यालय के निजी मुंशी 19 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार
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बड़ी खबर
Bihar. बिहार। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ पटना निगरानी विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। ताज़ा मामला नवादा जिले के नारदीगंज प्रखंड से सामने आया है, जहां मंगलवार को निगरानी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्व कर्मचारी के निजी मुंशी राकेश कुमार को 19,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह रिश्वत जमीन के म्यूटेशन और अन्य राजस्व संबंधी कार्यों को निपटाने के नाम पर वसूली जा रही थी। निगरानी विभाग को कुछ दिन पहले शिकायत मिली थी कि नारदीगंज अंचल कार्यालय में
राजस्व
संबंधी कार्यों के लिए अवैध वसूली की जा रही है। आरोप था कि राजस्व कर्मचारी के कहने पर उसका निजी मुंशी राकेश कुमार लोगों से पैसे ले रहा है और बिना रिश्वत के जमीन संबंधी काम नहीं किया जा रहा। शिकायत की पुष्टि करने के बाद पटना निगरानी विभाग की टीम ने जाल बिछाने का निर्णय लिया। इसके बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की और मंगलवार को राकेश कुमार को 19,000 रुपये की घूस लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।
मौके से फरार हुआ राजस्व कर्मचारी
कार्रवाई के दौरान जैसे ही निगरानी विभाग की टीम ने छापा मारा, तो राजस्व कर्मचारी मौके से फरार हो गया। अब निगरानी विभाग उसकी तलाश में जुट गया है। माना जा रहा है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। टीम का नेतृत्व सत्येंद्र राम ने किया, जबकि इस ऑपरेशन में विंध्याचल प्रसाद, जहांगीर अंसारी, आशीष चौबे, शशिकांत कुमार और विनोद कुमार जैसे अधिकारी शामिल रहे। इस कार्रवाई से स्थानीय राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है। आम लोगों का कहना है कि जमीन के म्यूटेशन से लेकर नामांतरण और अन्य राजस्व कार्यों के लिए विभाग में लंबे समय से रिश्वत का खेल चल रहा है। लोग परेशान होकर मजबूरी में पैसे देने को विवश हो जाते थे। निगरानी विभाग ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
लोगों की प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि यह कदम भ्रष्टाचार पर रोक लगाने में मददगार होगा। हालांकि, उन्होंने यह भी मांग की है कि मुख्य राजस्व कर्मचारी को भी जल्द गिरफ्तार किया जाए ताकि असली दोषियों को सजा मिल सके। बिहार में राजस्व विभाग से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले कोई नई बात नहीं है। आए दिन ऐसे मामले सामने आते रहते हैं। इससे साफ है कि सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि केवल छापेमारी और गिरफ्तारी से समस्या का समाधान नहीं होगा। इसके लिए जरूरी है कि प्रणालीगत सुधार किए जाएं।
जांच से खुल सकते हैं और राज
निगरानी विभाग अब गिरफ्तार निजी मुंशी राकेश कुमार से पूछताछ कर रहा है। विभाग यह जानने की कोशिश कर रहा है कि क्या इस घूसखोरी के खेल में अन्य कर्मचारी और अधिकारी भी शामिल हैं। जांच एजेंसी को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान ऐसे राज सामने आएंगे, जो विभाग में फैले भ्रष्टाचार के जाल को और स्पष्ट कर देंगे।
भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था की चुनौती
हालांकि इस कार्रवाई ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की मंशा को मजबूत किया है, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार को पूरी तरह समाप्त किया जा सकेगा? लोगों का कहना है कि जब तक अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी निगरानी नहीं होगी और रिश्वतखोरी के मामलों में कड़ी सजा नहीं दी जाएगी, तब तक इस समस्या का स्थायी समाधान मुश्किल है। निगरानी विभाग ने साफ किया है कि इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। विभाग का कहना है कि जनता से जुड़े कार्यों में लापरवाही और भ्रष्टाचार किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह घटना न केवल नवादा जिले बल्कि पूरे बिहार के लिए एक संदेश है कि भ्रष्टाचार की शिकायत करने पर अब कार्रवाई होगी और दोषियों को जेल की हवा खानी पड़ेगी।
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