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CM योगी का दावा, 1200 KM का सफर अब सिर्फ 10 घंटे में
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कनेक्टिविटी, आईटी और टेक्नोलॉजी सेक्टर में बड़े बदलाव हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि बलिया से बिजनौर तक करीब 1,200 किलोमीटर की दूरी अब लगभग 10 घंटे में तय की जा सकती है, जबकि एक दशक पहले इस सफर में कई दिन लग जाते थे। मुख्यमंत्री मंगलवार को एचसीएल टेक लखनऊ कैंपस की 10वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
सीएम योगी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य लखनऊ को भारत की अग्रणी एआई इनोवेशन सिटीज में शामिल करना है। अगले पांच वर्षों में यहां कम से कम 50 विश्वस्तरीय एआई स्टार्टअप स्थापित करने, उन्हें मजबूत बनाने और वैश्विक बाजार तक पहुंचाने के लिए सरकार सहयोग करेगी। उन्होंने एचसीएल टेक से भी इस अभियान में भागीदारी करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ को केवल आईटी सर्विसेज का केंद्र बनाकर नहीं रुकना चाहिए, बल्कि इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, साइबर सिक्योरिटी, कंप्यूटिंग टेक्नोलॉजी और डीप टेक का प्रमुख केंद्र बनाना होगा। इसके लिए सरकार और उद्योग जगत को मिलकर काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि एचसीएल की यात्रा उत्तर प्रदेश से शुरू हुई और आज कंपनी वैश्विक स्तर पर पहचान बना चुकी है। दस वर्ष पहले लखनऊ में एचसीएल कैंपस की स्थापना हुई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि एचसीएल ने लखनऊ को चुना और लखनऊ ने एचसीएल को अपनाया। उन्होंने इसे प्रदेश के लिए गर्व का विषय बताया।
युवा रोजगार का जिक्र करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश के युवाओं को बेहतर करियर के लिए दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहरों का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब परिस्थितियां बदल रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवा लखनऊ में रहकर वैश्विक स्तर की तकनीक पर काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने एचसीएल के कर्मचारियों को उत्तर प्रदेश का ब्रांड एंबेसडर भी बताया।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की युवा वर्कफोर्स को सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास देश की सबसे युवा कार्यबलों में से एक है और यही प्रतिभा राज्य की आर्थिक और तकनीकी प्रगति की बड़ी सामर्थ्य है। आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक दशक पहले आईटी और आईटीईएस के जरिए प्रदेश का निर्यात करीब 12 से 15 हजार करोड़ रुपये था, जो अब एक लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। सरकार का लक्ष्य अगले चार वर्षों में इसे 2.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाना है।
इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात को लेकर उन्होंने बताया कि यह 3,800 करोड़ रुपये से बढ़कर 45 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है और वर्ष 2030 तक इसे दो लाख करोड़ रुपये तक ले जाने का लक्ष्य है। उन्होंने दावा किया कि भारत की मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी करीब 55 प्रतिशत और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट उत्पादन में लगभग 60 प्रतिशत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आईटी सेक्टर अब केवल नोएडा तक सीमित नहीं है। लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, मेरठ और आगरा में आईटी पार्क संचालित हैं, जबकि वाराणसी, बरेली, कानपुर और गोरखपुर में नए आईटी पार्क विकसित किए जा रहे हैं। नोएडा और लखनऊ को डीप टेक हब के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम चल रहा है।
योगी आदित्यनाथ ने एचसीएल के सामाजिक कार्यों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि कंपनी ने पिछले 10-11 वर्षों में 3,000 से अधिक गांवों और 50 लाख से ज्यादा लोगों तक अपने विभिन्न कार्यक्रम पहुंचाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा विकास मॉडल तैयार करना है, जिसमें टेक्नोलॉजी, निवेश, रोजगार और सामाजिक विकास सभी को साथ लेकर आगे बढ़ा जाए।
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