
पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में दिलचस्प ट्रेंड देखने को मिला
हिन्दुत्व का बोलबाला नया इतिहास रच डाला, कांग्रेस और विपक्ष को हिन्दुत्व ने नकारा
पप्पू फरिश्ता
कोलकाता/रायपुर। हालिया विधानसभा चुनावों को लेकर सामने आए आंकड़ों में एक दिलचस्प ट्रेंड देखने को मिला है. असम, केरल, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में कांग्रेस के जिन उम्मीदवारों ने जीत हासिल की, उनमें बड़ी सं या मुस्लिम नेताओं की रही।
मुस्लिम तुष्टिकरण हिंदू वोटों से दूर का कारण : कांग्रेस सहित पूरा विपक्ष मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति करते देश की राजनीति में हिंदू वोटों से दूर होता चला गया और इसी का नतीजा यह है भारतीय जनता पार्टी सिर्फ हिंदुओं वोटों के बल पर देश की एकमात्र विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बनते जा रही अब यह कहना भी गलत नहीं होगा कि राष्ट्रीय भारतीय कांग्रेस अब मुस्लिम लीक पर कार्य कर रही है और मुसलमानों के लिए ही कांग्रेस पार्टी राजनीति करती है पूरे देश में हिन्दुओं वोटरों ने कांग्रेस पार्टी को पूरी तरीक़े से समाप्त करने के लिए ठान ली है और इसका नतीजा भी चुनाव दर चुनाव देखने को मिल रहा है।
असम में 19 सीटों में 18 पर जीत : असम में कांग्रेस को मिली 19 सीटों में से 18 पर मुस्लिम उ मीदवारों ने जीत दर्ज की. पार्टी ने वहां 20 मुस्लिम उ मीदवार उतारे थे, जिनमें से 18 जीत गए, जबकि गैर-मुस्लिम उ मीदवारों में सिर्फ एक ही जीत सका. कांग्रेस के सहयोगी राइजर दल को भी 2 सीटें मिलीं, जिनमें एक मुस्लिम उ मीदवार और दूसरी सीट अखिल गोगोई ने जीती।
केरल में 35 मुस्लिम विधायक : केरल की 140 सदस्यीय विधानसभा में 35 मुस्लिम विधायक चुने गए, जिनमें से 30 कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ गठबंधन से हैं. इनमें 8 कांग्रेस और 22 इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के विधायक शामिल हैं।
9 मुस्लिम विधायक जीतकर विधानसभा पहुंचे : इसी तरह केरल में मुस्लिम विधायकों की सं या 35 है. पिछली बार इन विधायकों की सं या 32 थी। केरल में इस बार इंडियन मुस्लिम लीग के सिंबल पर सबसे ज्यादा 22 मुस्लिम जीतकर सदन पहुंचे हैं. केरल में विधानसभा की कुल 140 सीटें हैं। कांग्रेस के सिंबल पर यहां से 8 मुस्लिम जीतकर सदन पहुंचे हैं। तमिलनाडु में कांग्रेस के सिंबल पर एक मुस्लिम जीतकर सदन पहुंचे हैं. तमिलनाडु में कुल 9 मुस्लिम विधायक जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं।
कांग्रेस ने 63 मुस्लिम उ मीदवारों को टिकट दिया : पश्चिम बंगाल में कांग्रेस को दो सीटें मिलीं और दोनों पर मुस्लिम उ मीदवार जीते. यहां कांग्रेस ने 63 मुस्लिम उ मीदवारों को टिकट दिया, जो तृणमूल कांग्रेस के 47 उ मीदवारों से ज्यादा है. तमिलनाडु में कांग्रेस ने दो मुस्लिम उ मीदवार उतारे, जिनमें से एक जीतने में सफल रहा।
मुस्लिम उम्मीदवारों का जीत प्रतिशत 80 रहा : सूत्रों का कहना है कि असम और केरल में कांग्रेस गठबंधन के मुस्लिम उ मीदवारों की जीत दर करीब 80 फीसदी रही. वहीं, पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी ने 206 सीटें जीतकर दो-तिहाई बहुमत हासिल करते हुए 15 साल पुरानी टीएमसी सरकार को हटा दिया. असम में भी एनडीए तीसरी बार सरकार बनाने जा रहा है, जहां उसने 126 में से 102 सीटें जीतीं।
विजय की पार्टी टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी : तमिलनाडु में अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जबकि केरल में 10 साल बाद सत्ता परिवर्तन हुआ और कांग्रेस के नेतृत्व वाला गठबंधन फिर से सरकार बनाने जा रहा है।
केरल में भाजपा को तीन सीट : केरल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने तीन सीटें जीतकर राज्य में अपना सूखा खत्म किया, लेकिन कई सीटों पर पार्टी दूसरे स्थान पर रही. मतगणना के बाद बीजेपी तिरुवल्ला, पालक्काड, मलमपुझा, अट्टिंगल, कासरगोड और मंजेश्वर सीटों पर दूसरे नंबर पर रही. तिरुवल्ला में पार्टी के नेता अनूप एंटनी को 43,078 वोट मिले और वह करीब 10 हजार वोटों से हार गए, लेकिन यहां पार्टी का वोट शेयर पहले से बढ़ा है.
बीजेपी का वोट प्रतिशत बढ़ा : पालक्काड में वरिष्ठ नेता शोभा सुरेंद्रन को कड़े मुकाबले में यूडीएफ के रमेश पिशारोड़ी से करीब 13 हजार वोटों से हार मिली, हालांकि यहां भी बीजेपी का वोट प्रतिशत बढ़ा. अट्टिंगल में पी. सुधीर दूसरे स्थान पर रहे और उन्होंने भी पार्टी का वोट शेयर बढ़ाया।
बीजेपी उ मीदवार दूसरे स्थान पर : वहीं मलमपुझा, कासरगोड और मंजेश्वर में बीजेपी उ मीदवार दूसरे स्थान पर रहे, लेकिन इन सीटों पर पार्टी अपने वोट प्रतिशत में बढ़ोतरी नहीं कर पाई. कुल मिलाकर, बीजेपी ने सीटें भले कम जीती हों, लेकिन कई क्षेत्रों में अपने जनाधार को मजबूत करने के संकेत दिए हैं।
सत्ता पलट के बाद श्रीश्री दुर्गा मंदिर खोल दिया : जानकारी अनुसार श्री श्री दुर्गामाता चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा संचालित यह मंदिर सालभर आमतौर पर बंद रहता था। इसे केवल दुर्गा पूजा और लक्ष्मी पूजा जैसे त्योहारों पर ही आंशिक रूप से खोला जाता था। लेकिन अब सत्ता पलट के बाद इसे सामान्य तौर पर खोल दिया गया। पश्चिम बर्धमान जिले की सभी 9 सीटों पर भाजपा की जीत के बाद मंदिर के खुलने से स्थानीय लोगों में उत्साह देखा गया।
श्रद्धालु और भाजपा कार्यकर्ता पूजा अर्चना करने पहुंचे : मंदिर के लंबे समय तक बंद रहने के पीछे सामुदायिक तनाव और प्रशासनिक प्रतिबंध बताए जाते रहे हैं। मंदिर खुलते ही बड़ी सं या में श्रद्धालु और भाजपा कार्यकर्ता वहां पहुंचे और पूजा-अर्चना की। इस मौके को उत्सव की तरह मनाया गया।
राजनीतिक बदलाव का प्रतीक : आसनसोल उत्तर से नवनिर्वाचित भाजपा विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी, जिन्होंने जीत के बाद मंदिर को सालभर खोलने का वादा किया था इस दौरान मौके पर पहुंचे और मंदिर खुलवाने में भूमिका निभाई। स्थानीय लोगों के लिए यह केवल धार्मिक नहीं बल्कि राजनीतिक बदलाव का प्रतीक भी माना जा रहा है।
सड़क का नाम बदलने को लेकर विवाद खड़ा हो गया : पश्चिम बंगाल में बीजेपी की बड़ी जीत के बाद अब एक सड़क का नाम बदलने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. यह मामला उत्तर 24 परगना जिले के बारासात विधानसभा क्षेत्र के मोयना इलाके से सामने आया है. यहां कुछ स्थानीय लोगों ने कथित तौर पर एक सडक़ का नाम बदल दिया. बताया जा रहा है कि पहले इस सडक़ का नाम मस्जिद बाड़ी रोड था, जिसे बदलकर ‘नेताजी पल्ली रोड’ कर दिया गया. इस घटना के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई है. हालांकि प्रशासन की ओर से इस बदलाव को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। कांग्रेस पार्टी सहित पूरा विपक्ष मुस्लिम परस्त मुस्लिम लिंक बन गए । 24 परगना स्थित एक रोड का नाम भी आज बदला गया । मस्जिद बाड़ी रोड अब नेताजी पाली रोड के नाम से जाना जाएगा।
एसआईआर में जहां सबसे ज्यादा वोट कटे
जहाँ सबसे ज़्यादा एसआईआर में वोट काटे गए वहीं पर टीएमसी का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा है। जहाँ पर कम पाँच पर्सेंट एसआईआर में वोट काटे वहीं पर 86 सीट टीएमसी हारी और जहाँ पर भारी मात्रा में एसआईआर में वोट घटे वहाँ पर टीएमसी की 20 सीट में से 13 सीट टीएमसी जीती 6 सीट बीजेपी और एक सीट कांग्रेस जीती।
दिखने लगा ‘बीजेपी इफेक्ट’
भारतीय जनता पार्टी की पश्चिम बंगाल चुनाव में प्रचंड जीत के बाद राज्य-भर में भाजपा समर्थकों के बीच खुशी की लहर है। इसी बीच राज्य के आसनसोल में स्थित एक दुर्गा मंदिर जो स्थानीय तनाव के कारण कई वर्षों से बंद था उसे सोमवार को श्रद्धालुओं के लिए फिर से खोल दिया गया। वहीं दूसरी ओर टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय में वर्षों से अवैध कब्जा कर रखा था। जिसको कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेत्री पूजा राय चौधरी के नेतृत्व में ताला तोडक़र अपने कब्जे मे लिया।
कांग्रेस के जीते 18 मुस्लिम नेता कौन?
परबतझोरा(5): मोह मद अशरफुल इस्लाम शेख
धुबरी(8): बेबी बेगम
जलेश्वर(12): आफताब उद्दीन मोल्ला
गोलपाड़ा पूर्व(14): अबुल कलाम रशीद आलम
सृजनग्राम(17): मोह मद नुरुल इस्लाम
चेंगा (23): अब्दुर रहीम अहमद
पकाबेतबारी(25): जाकिर हुसैन सिकदर
चमारिया (27): रेकिबुद्दीन अहमद
लहरीघाट(53): डॉ. आसिफ मोह मद नजर
रूपाहीहाट (56): नुरुल हुदा
समागुरी (58): तनज़ील हुसैन
सोनाई(119): अमीनुल हक लस्कर
अल्गापुर-कतलीचेरा(122): जुबैर अनम मजूमदार
करीमगंज उत्तर(123): जकारिया अहमद
गौरीपुर(7): अब्दुस सोबहान अली सरकार
बिरसिंग जरुआ (9): वाज़ेद अली चौधरी
मनकाचर(11): मोहिबुर रोहमन (बप्पी)
नोबोइचा (75): डॉ. जॉय प्रकाश दास
करीमगंज दक्षिण(124): अमीनूर रशीद चौधरी
मुस्लिम विधायकों की पूरी सूची
कांग्रेस (8)
अधिवक्ता टी. सिद्दीकी (कलपेट्टा)
आर्यदान शौकत (नीला बुर)
केपी नौशाद अली (पोन्नानी)
अनवर सदात (अलुवा)
मोह मद शियास (कोच्चि)
एडवोकेट शनिमोल उस्मान (अरूर)
एमएम नसीर (चदयामंगलम)
मुह मद सुधीरशा एस (वामनपुरम)
पी. ए. मोह मद रियास (बेपोर)
पी. म मीकुट्टी मुह मद (शोरनूर)
ए. सी. मोइदीन (कुन्नमकुलम)
एन. के. अकबर (गुरुवायूर)
एकेएम अशरफ (मंजेश्वर)
कल्लात्रा माहिन अब्दुल खादर हाजी (कासरगोड)
परक्कल अब्दुल्ला (कुट्टियाडी)
एडवोकेट फातिमा तहिलिया (पेर बरा)
एडवोकेट फैयज़ल बाबू (कोझिकोड दक्षिण)
एम. ए. रजाक मास्टर (कुन्नमंगलम)
पी. के. फिरोस (कोडुवल्ली)
सी. के. कासिम (थिरुव बाडी)
टी. पी. अशरफली (कोंडोट्टी)
पी. के. बशीर (एरनाड)
अधिवक्ता एम. रहमतुल्ला (मंजेरी)
नजीब कंथापुरम (पेरिंथलमन्ना)
मंजलमकुझी अली (मनकड़ा)
पी. के. कुन्हालीकुट्टी मुह मद हाजी (मलप्पुरम)
के. एम. शाजी (वेंगारा)
टी. वी. इब्राहिम (वल्लिकुन्नू)
पीएमए समीर (तिरुरंगड़ी)
पी. के. नवाज़ (तनूर)
कुरुकोली मोइदीन (तिरुर)
प्रो. आबिद हुसैन थंगल (कोट्टक्कल)
एन. समसूदीन (मन्नारक्कड़)
अब्दुल गफूर (कालामस्सेरी)
मुह मद मुहासिन (पट्टा बी)
ममता के 31 मुस्लिम विधायक (Bengal Election Result) अमदंगा सीट- मोहम्मद सिद्दीकी- अरिंदम डे (बीजेपी) : 2995 बादुरिया सीट- बुरहानुल मुकद्दिम - सुकीर्ति कुमार(बीजेपी) : 40061 बशीरहाट पश्चिम - तौसिफुर रहमान- मुसा करीमुल्ला (आईएसएफ) : 57670 भगवानगोला - रेयात हुसैन सरकार - महमुदल हसन (सीपीएम) : 56407 भरतपुर - मुस्तफिजुर रहमान - अनामिका घोष (बीजेपी) : 30753 कनिंग पूर्बा - बहरुल इस्लाम - अराबुल इस्लाम (आईएसएफ) : 91954 चाकुलिया - आजाद मिन्हाजुल - मनोज जैन (बीजेपी) 28011 छपरा - जबर शेख - सैकत सरकार (बीजेपी) : 30780 चोपरा - हमीदुल रहमान - शंकर अधिकारी (बीजेपी) : 69124 डेगंगा - अनीसुर रहमान - मोफिदुल हक (आईएसएफ) : 17818 गोलपोखर - गुलाम रब्बानी- सराजीत बिस्वास : 83790 हनसन - फैयज हक- निखिल बनर्जी (बीजेपी) : 28298 हरिहपारा - नियामत शेख- बिजय शेख (एयूजेपी) : 12665 हरिश्चंद्रपुर - मतीबुर रहमान -रतन दास (बीजेपी) : 48271 हरोरा - अब्दुल मतीन - पियारुल इस्लाम (आईएसएफ) : 49341 इताहर - मुशर्रफ हुसैन - सबिता बर्मन(बीजेपी) : 27878 जालंगी - बाबर अली - इयानुस अली (सीपीआई) : 21516 कालीगंज - अलीफा अहमद - बापन घोष (बीजेपी) : 10172 कस्बा - अहमद जावेद खान- बनर्जी संदीप (बीजेपी) : 20974 कोलकाता पोर्ट - फिरहाद हकीम : राकेश सिंह (बीजेपी) : 56080 लालगोला - अब्दुल अजीज -तोहिदुर रहमान (कांग्रेस) : 18960 मागराहाट वेस्ट - शमीम अहमद - गौरसुंदर (बीजेपी) : 58503 मेतियाबुरुज - अब्दुल खलीक - बीर बहादुर (बीजेपी) : 87879 मोथाबारी - इस्लाम नजरुल : निबारन घोष (बीजेपी) : 10496 मुराराई - मोशर्रफ हुसैन - संजीबुर रहमान (कांग्रेस) : 37705 पलाशीपारा - रुकबानपुर रहमान - अनीमा दत्ता (बीजेपी) : 11454 रघुनाथगंज - अखरुज्जमान - नासिर शेख (कांग्रेस) : 40555 शमशेरगंज - मोहम्मद नूर - नज्मे आलम (कांग्रेस) : 7587 शुजापुर - सबीना यास्मिन - अब्दुल हन्नान(कांग्रेस) : 60287 हुमायूं कबीर दोनों सीटों से जीते नोवदा - हुमायूं कबीर (एयूजेपी) - राणा मंडल (बीजेपी) : 27943 रेजिनगर - हुमायूं कबीर(एयूजेपी) -बापन घोष (बीजेपी) : 58876 कांग्रेस से 2 मुस्लिम जीते रानीनगर - जुल्फिकार अली(कांग्रेस)- अब्दुल सौमिक (टीएमसी) : 2701 फरक्का - मोताब शेख - सुनील चौधरी (बीजेपी) : 8193 ISF और लेफ्ट का 1-1 मुसलमान विधायक दोमकल - मोस्ताफिजुर रहमान(सीपीएम) - हुमायूं कबीर(टीएमसी) : 16296 भांगड़ - नौशाद सिद्दीकी(आईएसएफ) - शौकत मोल्ला (टीएमसी) : 32088 |





