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29 अप्रैल को हुआ था अपहरण, LJP नेता की हत्या, परिजनों ने 10 लाख की फिरौती भी दी थी

jantaserishta.com
2 May 2021 7:03 AM GMT
29 अप्रैल को हुआ था अपहरण, LJP नेता की हत्या, परिजनों ने 10 लाख की फिरौती भी दी थी
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बड़ी खबर.

बिहार के पूर्णिया में लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के नेता का 29 अप्रैल को अपहरण कर लिया गया. उसके बाद आज सुबह उनका शव पुलिस ने एक गांव से बरामद किया. नेता की हत्या की सूचना के बाद परिजनों के होश उड़ गए. पोस्टमॉर्टम होने के बाद परिजनों ने लाश को आरएन साहू चौक पर रखकर जमकर हंगामा किया. परिजनों का कहना है कि 10 लाख की फिरौती देने के बाद हत्या की गई. ये पुलिस की ​बड़ी नाकामी है.

29 अप्रैल को हुआ था अपहरण
पूर्णिया से लोक जनशक्ति पार्टी के नेता अनिल उरांव का 29 अप्रैल को अहरण कर लिया गया था. इस अपहरण के बाद परिजन पुलिस के पास पहुंचे. पुलिस ने आश्वासन दिया था कि अनिल उरांव को सुरक्षित अपहरणकर्ताओं के चंगुल से आजाद कराया जाएगा, लेकिन आज अनिल उरांव की लाश कृत्यानंद नगर थाना क्षेत्र के डंगराहा गांव से बरामद हुई. पुलिस ने आनन फानन में नेता की लाश का पंचनामा भरकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया.
परिजनों ने किया हंगामा
उधर घटना की जानकारी जब परिजनों को लगी, तो उनके होश उड़ गए. पॉ​स्टमॉर्टम होने के बाद नेता की लाश को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया, इसके बाद आक्रोशित परिजन लाश को लेकर आरएन साहू चौक पहुंच गए. यहां पर लाश को रखकर हंगामा करना शुरू कर दिया. परिजनों ने बताया कि 10 लाख की बदमाशों को फिरौती दी गई, इसके बाद भी अनिल उरांव की हत्या कर दी गई. परिजनों ने कहा कि ये पुलिस की बड़ी नाकामी है.
परिजनों ने किया था चक्का जाम
बता दें कि बीते दिन अनिल उरांव की बरामदगी को लेकर परिजनों और उनके समर्थकों ने पूर्णिया शहर में चक्का जामकर हंगामा किया था. पूर्णिया में अनिल उरांव काफी सक्रिय रहते थे. वे यहां की मनिहारी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ते थे. उनका पैतृक घर पूर्णिया के जेपी नगर में है.
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