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जज ने सुप्रीम कोर्ट का हवाला देते झूठ बोला, हाईकोर्ट ने एक्शन करने की सिफारिश की

Nil dhankar
27 March 2025 7:31 AM IST
जज ने सुप्रीम कोर्ट का हवाला देते झूठ बोला, हाईकोर्ट ने एक्शन करने की सिफारिश की
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कर्नाटक। अदालत की कार्यवाही से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। कर्नाटक में एक जज ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए याचिका खारिज कर दी। अब खास बात है कि जिन फैसलों का हवाला दिया गया था, वे सुप्रीम कोर्ट की तरफ से कभी दिए ही नहीं गए। खबर है कि न्यायाधीश के खिलाफ जांच की जा सकती है। कर्नाटक हाईकोर्ट ने सिविल जज के खिलाफ ऐक्शन की सिफारिश की है। मिडिया रिपोर्ट के अनुसार, हाईकोर्ट पहुंचा यह केस सिविल पुनरीक्षण याचिका से जुड़ा है। इसे प्रतिवादी सम्मान कैपिटल लिमिटेड और सम्मान फिनसर्व लिमिटेड की तरफ से दाखिल किया गया है। याचिका के जरिए बेंगलुरु के एक सिविल जज की तरफ से दिए गए आदेश को चुनौती दी गई है। इस मुकदमे में रियल्टी कंपनी मंत्री इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड और अन्य वादी हैं।

हाईकोर्ट को बताया गया है कि मंत्री इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड और अन्य वादियों ने सम्मान कैपिटेल और अन्य प्रतिवादियों से शेयर्स गिरवी रखकर लोन लिया था। डिफॉल्ट होने के बाद कर्ज देने वालों ने सितंबर 2024 को नोटिस जारी किया, जिसमें शेयर्स ट्रांसफर करने की मांग की गई। अब जवाब में मंत्री इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड ने बेंगलुरु कमर्शियल कोर्ट में केस कर दिया, जिसके जरिए उधार देने वालों की तरफ से आगे की कार्रवाई पर स्थाई रोक लगाने की मांग की गई।

1 अक्तूबर 2024 को मंत्री फर्म ने मुकदमा वापस लिया और बेंगलुरु के सिटी सिविल कोर्ट में फिर से दाखिल कर दिया। उधार देने वालों की तरफ से आवेदन दिया गया कि इस मुकदमे को खारिज किया जाना चाहिए, क्योंकि सिटी सिविल कोर्ट के पास इसकी सुनवाई का अधिकार नहीं है। उन्होंने आवेदन में कहा कि इसकी सुनवाई सिर्फ कमर्शियल कोर्ट में होनी चाहिए। अब 9वें एडिशनल सिटी सिविल जज ने सुप्रीम कोर्ट के दो फैसलों का हवाला देकर याचिका को खारिज कर दिया। इसमें M/s. Jalan Trading Co. Pvt. Ltd. vs. Millenium Telecom Ltd और M/s. Kvalrner Cemintation India Ltd. vs. M/s. Achil Builders Pvt. Ltd का नाम शामिल है। बाद में सामने आया कि ये दोनों फैसले अस्तित्व में ही नहीं हैं।

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