Indian Govt.ऊर्जा क्षेत्र में निजी कंपनियों को भागीदारी की अनुमति देने पर विचार कर रही है।

Delhi दिल्ली: भारत सरकार परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में निजी कंपनियों को भागीदारी की अनुमति देने पर विचार कर रही है। इसके लिए परमाणु ऊर्जा अधिनियम और परमाणु क्षति के लिए नागरिक उत्तरदायित्व अधिनियम (2010) में संशोधन प्रस्तावित हैं। इन बदलावों का उद्देश्य है निजी निवेश को आकर्षित करना और आपूर्तिकर्ताओं की देनदारी को सीमित करना।
सरकार का लक्ष्य है कि 2047 तक 100 गीगावॉट परमाणु ऊर्जा उत्पादन किया जाए, जिसमें लगभग 50% योगदान सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) से आए। इसके तहत छोटे परमाणु रिएक्टर (SMRs) जैसे 220 मेगावॉट क्षमता वाले 'भारत स्मॉल रिएक्टर्स (BSR)' का विकास किया जाएगा, जिनका उपयोग औद्योगिक इकाइयों में 'कैप्टिव यूज' के लिए होगा।
वित्त मंत्री निर्मला ने 20,000 करोड़ रुपये की लागत वाली न्यूक्लियर एनर्जी मिशन की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य SMR तकनीक को विकसित करना और 2033 तक पाँच घरेलू रिएक्टरों को चालू करना है।





