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INDIA ब्लॉक ने चुनाव आयोग के खिलाफ आंदोलन का किया ऐलान

Shantanu Roy
30 Sept 2026 5:28 PM IST
INDIA ब्लॉक ने चुनाव आयोग के खिलाफ आंदोलन का किया ऐलान
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New Delhi. नई दिल्ली। दिल्ली में बुधवार को हुई INDIA ब्लॉक की अहम बैठक में विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। बैठक के बाद गठबंधन ने संयुक्त आंदोलन की घोषणा की। विपक्ष ने 2 से 8 अक्टूबर तक जिला स्तर पर ‘लोकतंत्र बचाओ’ कार्यक्रम आयोजित करने और 6 अक्टूबर को सभी विपक्षी सांसदों के साथ चुनाव आयोग तक मार्च करने का फैसला किया है। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, ममता बनर्जी, तेजस्वी यादव समेत कई विपक्षी नेताओं ने हिस्सा लिया।

बैठक करीब साढ़े तीन घंटे चली। इसके बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में खड़गे ने कहा कि विपक्षी दलों ने लोकतंत्र और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर साझा रणनीति बनाई है। ममता बनर्जी ने बैठक के दौरान विपक्षी दलों की एकजुटता पर जोर दिया। उनके संबोधन के दौरान अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी समर्थन जताया। इसके बाद राहुल गांधी ने कहा कि गठबंधन के बीच बातचीत सकारात्मक रही है। उन्होंने भाजपा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को प्रभावित करने का आरोप लगाया। ये विपक्ष के आरोप हैं; भाजपा और चुनाव आयोग इन आरोपों से सहमत नहीं हैं।

राहुल गांधी ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र किसी एक व्यक्ति से बड़ा है और विपक्ष इन मुद्दों पर संयुक्त रूप से संघर्ष करेगा। उन्होंने तथा तेजस्वी यादव ने बिहार में कथित ‘वोट चोरी’ का आरोप भी दोहराया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। इन आरोपों को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आंदोलन के कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि 2 से 8 अक्टूबर के बीच देशभर में जिला स्तर पर ‘लोकतंत्र बचाओ’ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें विपक्षी दलों के कार्यकर्ता, युवा, सामाजिक संगठन और नागरिक समूह हिस्सा ले सकते हैं।

कई स्थानों पर जिला प्रशासन के कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन की भी योजना है। इसके बाद 6 अक्टूबर को लोकसभा और राज्यसभा के विपक्षी सांसद चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च करेंगे। विपक्षी नेताओं ने कहा कि वे चुनाव आयोग के समक्ष अपनी मांगें और आपत्तियां रखेंगे। गठबंधन अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात का समय भी मांगेगा। इसके अलावा विपक्ष ने देश के अलग-अलग हिस्सों में पांच बड़ी रैलियां आयोजित करने की योजना बनाई है। दिल्ली में 1 नवंबर को एक बड़ी रैली किए जाने की भी घोषणा की गई है। इन कार्यक्रमों के जरिए विपक्ष चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अपने आरोपों को जनता के बीच ले जाने की तैयारी कर रहा है।

बैठक में गठबंधन के अंदर आंदोलन की रणनीति को लेकर भी चर्चा हुई। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में शामिल हुए। उन्होंने अलग-अलग दलों द्वारा स्वतंत्र रूप से आंदोलन करने के बजाय INDIA ब्लॉक के बैनर तले संयुक्त कार्यक्रम आयोजित करने पर जोर दिया। उद्धव ठाकरे ने कहा कि विपक्ष यदि चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन करना चाहता है तो उसे संयुक्त रूप से जमीन पर उतरना चाहिए। उन्होंने महाराष्ट्र में अलग-अलग दलों के स्वतंत्र प्रदर्शनों की जगह साझा रणनीति बनाने की बात रखी।

खड़गे ने बैठक के बाद चुनाव आयोग पर भाजपा के प्रभाव में काम करने का आरोप लगाया। वहीं भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि कांग्रेस और उसके सहयोगी चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था को निशाना बना रहे हैं और मतदाता सूची से संबंधित प्रक्रिया को राजनीतिक विवाद का रूप दे रहे हैं। INDIA ब्लॉक की इस बैठक के बाद अब विपक्ष ने अक्टूबर के पहले सप्ताह से चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा तय कर दी है। जिला स्तर के प्रदर्शन, चुनाव आयोग तक सांसदों का मार्च, राष्ट्रपति से मुलाकात और बड़ी रैलियों के जरिए गठबंधन चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अपने मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की तैयारी में है।
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