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दो मासूम बच्चों पर टूटा दुखों का पहाड़
Auraiya औरैया: उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के दिबियापुर थाना क्षेत्र के मधवापुर गांव में एक हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। टीबी से लंबे समय से बीमार चल रही 35 वर्षीय पिंकी की मौत के बाद उनके पति श्यामल दास भी सदमे के बीच अंतिम संस्कार की तैयारी के दौरान हार्ट अटैक का शिकार हो गए। देखते ही देखते एक ही परिवार से दो अर्थियां उठीं और गांव में मातम पसर गया।
जानकारी के अनुसार, पिंकी पिछले करीब 14 वर्षों से टीबी से पीड़ित थीं और उनका इलाज कानपुर के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। सोमवार शाम उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने पर उनका निधन हो गया। मंगलवार सुबह अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू हुईं।
परिजनों के मुताबिक, अंतिम विदाई की रस्म के दौरान श्यामल दास अपनी पत्नी की मांग में आखिरी बार सिंदूर भर रहे थे। इसी दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह जमीन पर गिर पड़े। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें संभालने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें हार्ट अटैक आया और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि पत्नी के निधन के बाद से श्यामल दास गहरे सदमे में थे और पूरी रात बेहद परेशान रहे। इस दर्दनाक घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
दंपति अपने पीछे दो मासूम बेटों को छोड़ गए हैं, जिनकी उम्र करीब 9 और 7 वर्ष बताई जा रही है। माता-पिता दोनों के निधन के बाद बच्चों के पालन-पोषण और भविष्य को लेकर ग्रामीणों ने चिंता जताई है। गांव के लोगों ने प्रशासन से दोनों बच्चों को आर्थिक सहायता, शिक्षा और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग की है। घटना के बाद पूरे मधवापुर गांव में शोक का माहौल है।
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