
यूपी। अलीगढ़ में बरला क्षेत्र के गांव गाजीपुर में हिस्ट्रीशीटर की हत्या बेरहमी से की गई थी। उसे चार गोलियां लगी थीं। तीन सीने व एक कमर में थी। इससे फेफड़ा व लिवर फट गया। पसलियां टूट गईं। गर्दन के पास पीछे की तरफ गोली से घाव के निशान प्रतीत हो रहे थे। इससे स्पष्ट है कि बदमाशों ने उसे भागने तक का मौका नहीं किया। गोली लगने के बाद वह नाले में गिर गया। करीब एक घंटे बाद परिजन पहुंचे, तब शव को बाहर निकलवाया गया। सुनसान जगह पर ये घटना हुई, जिसके चलते हत्यारोपियों को न तो किसी ने देखा और न ही किसी ने गोली की आवाज सुनी।
बरला के गांव गाजीपुर निवासी शिवनारायण पर दो भाइयों में बड़ा था। शादी नहीं हुई थी। खेतीबाड़ी करता था। वह गांव में ही अपने घेर में परिवार के साथ रहता था। गुरुवार शाम को वह बाजार घूमने गया था। गोलगप्पे खाने के बाद घर लौट रहा था। करीब आधा किलोमीटर दूर तिराहे के पास बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी।
उनके छोटे भाई रौदास गिरी ने बताया कि जब भाई को फोन लगाया तो कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इस पर तलाश की गई। रास्ते में नाले में उसका शव पड़ा मिला। अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। मामले में शिवनारायण के पिता सांवल गिरी ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
इंस्पेक्टर के अनुसार उसका विवरण नफीस (नेशनल ऑटोमेटिक फिंगर प्रिंट आईडेंटिफिकेशन सिस्टम) पर अपलोड करना था। इसके लिए पुलिस कई बार उसके घर गई थी। चूंकि वह घेर में रहता था तो दूर से ही पुलिस को देखकर फरार हो जाता था। इसके चलते उसका सत्यापन नहीं हो पा रहा था। एसपी देहात, अमृत जैन ने कहा कि हिस्ट्रीशीटर की हत्या में अज्ञात में मुकदमा दर्ज किया गया है। परिजनों ने किसी पर कोई शक नहीं जताया है। सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।





