भारत
हाईकोर्ट ने पुलिस के ‘हाफ एनकाउंटर’ पर सख्ती दिखाई, कहा- सजा देना न्यायपालिका का काम
jantaserishta.com
31 Jan 2026 10:47 AM IST

x
पढ़ें पूरी खबर.
नई दिल्ली: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश में बढ़ती पुलिस मुठभेड़ों, खासकर आरोपियों के पैरों में गोली मारकर उन्हें 'एनकाउंटर' बताने की प्रवृत्ति पर गहरी चिंता जताई है. प्रयागराज में जस्टिस अरुण कुमार देशवाल की सिंगल बेंच ने साफ शब्दों में कहा कि पुलिस कानून से ऊपर नहीं है और अपराधी को सजा देना न्यायपालिका का काम है, न कि पुलिस का.
अदालत ने कहा कि प्रमोशन, वाहवाही या सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोरने के लिए गोली चलाने की प्रवृत्ति न केवल गलत बल्कि खतरनाक भी है. कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि आरोपी के शरीर के किसी गैर-जरूरी हिस्से पर गोली मारना भी कानूनन अस्वीकार्य है. किसी भी एनकाउंटर में यदि फायरिंग या गंभीर चोट होती है तो सख्त नियम स्वतः लागू होंगे.
हाईकोर्ट ने पुलिस के लिए 6-पॉइंट गाइडलाइंस जारी करते हुए इनके पालन को अनिवार्य बताया और सुप्रीम कोर्ट के PUCL बनाम महाराष्ट्र मामले में तय दिशा-निर्देशों को सख्ती से लागू करने का आदेश दिया. अदालत ने चेतावनी दी कि यदि इन निर्देशों का पालन नहीं किया गया, तो संबंधित SP और SSP को सीधे तौर पर जिम्मेदार माना जाएगा और व्यक्तिगत रूप से अवमानना की कार्रवाई हो सकती है.
कोर्ट ने डीजीपी और गृह सचिव से यह भी पूछा है कि क्या पुलिस अधिकारियों को आरोपियों के पैरों में गोली मारने या मुठभेड़ का दावा करने के लिए कोई मौखिक या लिखित निर्देश दिए गए थे. अदालत ने टिप्पणी की कि यह प्रथा अब नियमित होती जा रही है, जो या तो वरिष्ठ अधिकारियों को खुश करने या आरोपी को तथाकथित सबक सिखाने के उद्देश्य से की जाती है.
यह टिप्पणी मिर्जापुर के राजू उर्फ राजकुमार और दो अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान की गई. ये तीनों अलग-अलग पुलिस मुठभेड़ों में घायल हुए थे. कोर्ट ने नोट किया कि इन घटनाओं में किसी भी पुलिसकर्मी को चोट नहीं आई, जिससे हथियार के उपयोग की आवश्यकता पर सवाल उठते हैं.
राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि मुठभेड़ के संबंध में एफआईआर दर्ज की गई थी, लेकिन घायल का बयान न तो मजिस्ट्रेट के सामने और न ही किसी चिकित्सा अधिकारी द्वारा दर्ज किया गया. हाईकोर्ट ने इसे सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन मानते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ी आपत्ति जताई.
Tagsइलाहाबाद हाईकोर्टउत्तर प्रदेशउत्तर प्रदेश न्यूज़उत्तर प्रदेश पुलिसएनकाउंटरAllahabad High CourtUttar PradeshUttar Pradesh NewsUttar Pradesh PoliceEncounter
jantaserishta.com
भारत के भले ही किसी कोने में आप रह रहे हों, जनता से रिश्ता वेबसाइट पर आपके राज्य की हर छोटी-बड़ी खबर मिलेगी। राजनीति, खेल, चुनाव, बिजनेस, सिनेमा, इस प्लैटफॉर्म पर बस एक क्लिक करते ही हमेशा पाएं ताजा खबरें। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के बाकी राज्यों और शहरों की कोई जानकारी हो, हम आपको देते हैं। सियासी रण हो या बजट का मौसम, कहां चल रहा क्या सियासी दांव-पेच, आपके गांव में किसकी सरकार, हर अपडेट यहां आपको मिलेंगे। तो फिर अपने राज्य की हर हलचल के लिए जुड़े रहिए जनता से रिश्ता के साथ।
Next Story





