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PM मोदी की जनसहभागिता आधारित बदलाव की परिकल्पना को साकार करता आयोजन

Shantanu Roy
27 May 2025 11:03 PM IST
PM मोदी की जनसहभागिता आधारित बदलाव की परिकल्पना को साकार करता आयोजन
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New Delhi. नई दिल्ली। देश की राजधानी में आज एक ऐतिहासिक अवसर देखने को मिला जब भारत सरकार द्वारा पद्म पुरस्कार 2025 के विजेताओं को सम्मानित किया गया। यह भव्य समारोह न केवल विशिष्ट नागरिकों को उनके असाधारण कार्यों के लिए सम्मानित करने का मंच बना, बल्कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रेरित उस दृष्टिकोण को भी साकार करता है, जिसमें समाज के भीतर से उभरती प्रतिभाओं को राष्ट्रीय पहचान दी जाती है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि पद्म पुरस्कार अब केवल प्रतिष्ठित हस्तियों या विशिष्ट पदों पर आसीन व्यक्तियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह जनसामान्य के बीच छिपे हुए असाधारण योगदानकर्ताओं को पहचान देने का माध्यम बन गए हैं। यह बदलाव भारतीय लोकतंत्र की जीवंतता और सामाजिक चेतना को प्रतिबिंबित करता है।


समाज के सच्चे नायक हुए सम्मानित
इस वर्ष के पद्म पुरस्कार विजेताओं में विभिन्न क्षेत्रों जैसे कला, संगीत, समाज सेवा, चिकित्सा, विज्ञान, पर्यावरण संरक्षण, जनजातीय संस्कृति और शिक्षा से जुड़े कई ऐसे व्यक्ति शामिल हैं जिन्होंने न तो किसी प्रचार की चाह रखी और न ही किसी पुरस्कार की लालसा में कार्य किया। उन्होंने केवल अपने कर्म, समर्पण और सेवा से समाज में अमिट छाप छोड़ी।
इनमें वे लोग भी हैं जो सीमावर्ती क्षेत्रों में काम कर रहे हैं, जनजातीय क्षेत्रों की विलुप्त हो रही परंपराओं को बचा रहे हैं या फिर विकट परिस्थितियों में गरीबों की सेवा कर रहे हैं। इन्हें प्रधानमंत्री ने ‘अनाम नायक’ (Unsung Heroes) की संज्ञा दी थी और अब उन्हें भारत सरकार की ओर से देश की दूसरी सबसे बड़ी नागरिक सम्मान श्रृंखला में शामिल कर सम्मानित किया गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा:
“पद्म पुरस्कार केवल सम्मान नहीं हैं, यह प्रेरणा के स्रोत हैं। आज भारत एक ऐसा राष्ट्र बन चुका है जो अपने आम नागरिकों के असाधारण प्रयासों को भी उतना ही सम्मान देता है जितना किसी बड़े अधिकारी या राजनेता को।”
उन्होंने यह भी कहा कि भारत के विकास की कहानी अब सरकार केंद्रित नहीं बल्कि जन-प्रेरित (People-led) बनती जा रही है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि ऐसे आयोजनों से देश के युवाओं को यह संदेश जाता है कि सेवा और साधना से भी गौरव पाया जा सकता है।
राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस समारोह में महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्रिमंडल के सदस्य, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और गणमान्य अतिथिगण उपस्थित रहे। समारोह की गरिमा और सादगी दोनों ने यह संदेश दिया कि भारत अपनी सांस्कृतिक जड़ों और मानवीय मूल्यों से गहराई से जुड़ा हुआ है।
सम्मानित व्यक्तियों की विविध पृष्ठभूमि – ग्रामीण शिक्षक, वन्यजीव रक्षक, पारंपरिक कलाकार, आदिवासी संस्कृति संरक्षक, नवाचार करने वाले किसान, दिव्यांग सेवक आदि – ने यह भी सिद्ध किया कि भारत का असली विकास धरातल पर हो रहे छोटे-छोटे प्रयासों से ही संभव होता है।
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