भारत

दंपती ने साथ जीने-मरने का निभाया वादा, एक साथ उठीं अर्थियां, पूरे गांव को कर दिया गमगीन

jantaserishta.com
10 Nov 2024 10:25 AM IST
दंपती ने साथ जीने-मरने का निभाया वादा, एक साथ उठीं अर्थियां, पूरे गांव को कर दिया गमगीन
x
जिंदगी के साथ भी-जिंदगी के बाद भी.
झांसी: झांसी में पति की मौत के बाद पत्नी ने भी दम तोड़ दिया। पत्नी पति की मौत की खबर बर्दाश्त नहीं कर पाई और करीब 20 मिनट बाद ही उनकी मौत हो गई। घर से एक साथ दोनों की अर्थी उठी और एक ही चिता पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। घटना पूंछ थाना क्षेत्र के धौरका गांव की है।
रतीराम परिहार (74) और जानकी देवी (71) की शादी 1970 में हुई थी। दोनों एक-दूसरे से अटूट प्रेम करते थे। रतीराम खेती किसानी करते थे। सब कुछ ठीक चल रहा था। लेकिन 3 जनवरी 2023 का दिन उनके लिए काला दिन बन गया। अचानक उनको लकवा मार दिया। इसके बाद वो कभी चारपाई से नहीं उठ पाए।
ऐसे में जानकी ही उनकी तन-मन से सेवा करती थीं। खाना खिलाने से लेकर शौच क्रिया तक सब जानकी के ही जिम्मे था। लोग बीमार पति को देखने आते थे तो कहती थी कि भगवान पति के साथ हमें भी उठा लें। लगभग 20 माह से जानकी लगातार अपने पति की सेवा कर रही थीं।
बेटे विनोद परिहार ने बताया कि मेरे पिता रतीराम की हालत अब बहुत खराब हो गई थी। उन्होंने बोलना भी बंद कर दिया था। शुक्रवार रात करीब 8 बजे पिता की मौत हो गई। सब लोग रोने-बिलखने लगे। मां जानकी देवी भी रोने लगीं। कहने लगीं कि हे भगवान मुझे भी उठा लो।
रोते-रोते मां जानकी एकदम बेसुध हो गईं। उनका मुंह बंद हो गया, जिसके बाद तुरंत उनको अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने मां को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव लेकर घर आ गए। रात को माता-पिता के शव घर में रखे रहे।
शनिवार सुबह जिसने भी यह खबर सुनी, वो चौंक गया। परिजनों से लेकर रिश्तेदार और गांव के लोग जुट गए। सभी ने एक चिता पर अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया। दोपहर में घर से एक साथ दोनों की अर्थी उठी। इसके बाद दोनों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार भी किया गया। पूरे क्षेत्र में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है।
जानकी के भाई बाबूलाल ने बताया कि- मेरे बहनोई और बहन में अटूट प्रेम था। पति की मौत को बहन सहन नहीं कर सकी और प्राण त्याग दिए।
पति-पत्नी की मौत के बाद पूरे गांव में गमगीन माहौल है। रतीराम और जानकी के 3 बेटे और एक बेटी हैं। सबसे बड़ी बेटी अनीता है। उसके बाद 3 बेटे विनोद, प्रमोद और प्रवीण हैं। विनोद घर पर ही रहकर किसानी करता था, जबकि बाकी दोनों बेटे बाहर रहकर नौकरी करते हैं। माता-पिता के साथ चले जाने से सभी उदास हैं।
jantaserishta.com

jantaserishta.com

भारत के भले ही किसी कोने में आप रह रहे हों, जनता से रिश्ता वेबसाइट पर आपके राज्य की हर छोटी-बड़ी खबर मिलेगी। राजनीति, खेल, चुनाव, बिजनेस, सिनेमा, इस प्लैटफॉर्म पर बस एक क्लिक करते ही हमेशा पाएं ताजा खबरें। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के बाकी राज्यों और शहरों की कोई जानकारी हो, हम आपको देते हैं। सियासी रण हो या बजट का मौसम, कहां चल रहा क्या सियासी दांव-पेच, आपके गांव में किसकी सरकार, हर अपडेट यहां आपको मिलेंगे। तो फिर अपने राज्य की हर हलचल के लिए जुड़े रहिए जनता से रिश्ता के साथ।

    Next Story