भारत

वो कॉलेज जहां से बीजेपी के कद्दावर नेता राजनाथ सिंह ने की पढ़ाई, कभी एडमिशन के लिए होती थी मारामारी लेकिन अब...

jantaserishta.com
8 July 2021 5:54 AM GMT
वो कॉलेज जहां से बीजेपी के कद्दावर नेता राजनाथ सिंह ने की पढ़ाई, कभी एडमिशन के लिए होती थी मारामारी लेकिन अब...
x

वो भी एक दौर हुआ करता था जब राजकीय इंटर कॉलेज में पढ़ाई करने के लिए मारामारी हुआ करती थी. यहां एडमिशन ले पाना टेढ़ी खीर साबित हुआ करता था. राजकीय इंटर कॉलेज से पढ़कर निकलने वाले ऐसे तमाम छात्र हैं. जिन्होंने देश विदेश में अपना जलवा कायम किया.लेकिन वर्तमान समय में राजकीय इंटर कॉलेज बदहाल हालात में हैं. आलम यह है कि हर साल राजकीय इंटर कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं की संख्या में लगातार कमी देखी जा रही है. इसके पीछे की वजह चाहे जो भी हो, लेकिन ये स्थ‍ित‍ि काफी चिंताजनक बताई जाती है.

आपको बता दें क‍ि पूर्वी उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले की बात करें तो जनपद में कुल चार राजकीय इंटर कॉलेज हैं. इनमें 2 कॉलेजों में को-एजुकेशन चलता है जबकि 2 राजकीय बालिका इंटर कॉलेज है. जहां पर कक्षा 6 से 12 तक की पढ़ाई होती है. हालांकि राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत जनपद में 22 राजकीय हाई स्कूल भी खोले गए हैं जहां कक्षा 9 और 10 की पढ़ाई होती है. लेकिन इन विद्यालयों का भी हाल सही नहीं है. जनपद के 22 राजकीय हाई स्कूलों में कोई भी ऐसा विद्यालय नहीं है जिसमें छात्रों की संख्या दहाई के अंक से ऊपर हो. इनमें दो तो ऐसे विद्यालय हैं जहां पर छात्रों की संख्या दहाई से भी कम है.
चंदौली जनपद में जो 4 राजकीय इंटर कॉलेज हैं.उसमें एक वह राजकीय इंटर कॉलेज भी है. जहां पर देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाईस्कूल और इंटर की पढ़ाई की है. लेकिन अब इस इंटर कॉलेज में भी पिछले कुछ वर्षों की तुलना में छात्रों की संख्या में लगातार कमी आ रही है. चंदौली जिले के चकिया में स्थित आदित्य नारायण राजकीय इंटर कॉलेज में वर्तमान सत्र में कुल 1295 छात्र पंजीकृत हैं जिनको पढ़ाने के लिए 30 अध्यापकों की नियुक्ति की गई है. इस राजकीय इंटर कॉलेज में सन 2000 में छात्रों की संख्या 5000 से ऊपर हुआ करती थी. लेकिन धीरे-धीरे ये संख्या काफी कम होती गई.
इस विद्यालय में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाईस्कूल और इंटर की पढ़ाई की थी. राजनाथ सिंह 1965 में हाई स्कूल पास हुए थे और 1967 में उन्होंने इंटर की परीक्षा पास की थी. इस कॉलेज से निकलने से निकलने के बाद उन्होंने गोरखपुर विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन किया और इसके बाद उन्होंने मिर्जापुर में अध्यापन कार्य भी किया. समय के साथ राजनीतिक क्षितिज पर भी उनका सितारा दिनोंदिन चमकता चला गया. राजनाथ सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, केंद्रीय कृषि मंत्री और देश के गृह मंत्री भी रहे. वर्तमान में राजनाथ सिंह देश के रक्षामंत्री हैं.
आज तक की रिपोर्ट के मुताबिक आदित्य नारायण राजकीय इंटर कॉलेज चकिया से सन 2000 में पास आउट छात्र पवन जायसवाल बताते हैं कि उस दौर में जिले में प्राइवेट स्कूल कम थे. उस दौरान आदित्य नारायण इंटर कॉलेज क्षेत्र का एक मशहूर कॉलेज हुआ करता था. इस कॉलेज में एडमिशन के लिए प्रवेश परीक्षाएं भी कराई जाती थी. कभी हर छात्र के गार्जियन चाहते थे कि उनका बच्चा इसी स्कूल में पढ़ाई करे.
चंदौली जिले का दूसरा राजकीय इंटर कॉलेज नक्सल प्रभावित इलाके नौगढ़ में खोला गया है. जहां पर वर्तमान सत्र में कुल 1022 छात्र- छात्राएं पंजीकृत हैं जिनको पढ़ाने के लिए 11 अध्यापकों की नियुक्ति की गई है. इसी तरह सैयदराजा में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज है. जहां पर कक्षा 6 से 12 तक की पढ़ाई होती है. इस विद्यालय में इस सत्र में कुल 381 छात्राएं पंजीकृत हैं जबकि इन को पढ़ाने के लिए 18 शिक्षकों की नियुक्ति की गई है. जिले का चौथा राजकीय इंटर कॉलेज दिघवट में स्थित है. यहां पर कक्षा 9 से 12 तक की पढ़ाई होती है. लेकिन इस विद्यालय में महज 54 छात्र पंजीकृत हैं और इन को पढ़ाने के लिए यहां पर 14 अध्यापकों की नियुक्ति की गई है.
बताया जाता है कि इन सभी विद्यालयों में भी कुछ साल पहले तक छात्रों की संख्या काफी हुआ करती थी. लेकिन दिनों दिन यह संख्या कम होती चली गई. हालांकि सरकार की तरफ से इन सभी विद्यालयों में आधुनिक शिक्षा की व्यवस्था भी की गई है. चंदौली जिला विद्यालय निरीक्षक विनोद कुमार राय बताते हैं कि सभी राजकीय विद्यालयों में राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत छात्रों के पठन-पाठन की बेहतर व्यवस्था के लिए स्मार्ट क्लासेस कंप्यूटर लैब और व्यवसायिक शिक्षा की व्यवस्था की गई है. साथ ही साथ अवस्थापना से संबंधित तमाम तरह की सुविधाओं की व्यवस्था भी सरकार की तरफ से की गई है.
वहीं राजकीय विद्यालय के जिला समन्वयक के के गुप्ता बताते हैं कि जनपद के दूरदराज के क्षेत्रों में भी राजकीय विद्यालय की स्थापना की गई है ताकि उस क्षेत्र के बच्चे भी राजकीय विद्यालय में पढ़ाई कर सकें. साथ ही साथ बेहतर पढ़ाई के लिए अध्यापकों को ट्रेंड किया गया है.छात्रों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए विज्ञान प्रदर्शनी आदि का भी आयोजन किया जाता है.
Next Story