
x
Ayodhya अयोध्या। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी के पावन अवसर पर रामनगरी अयोध्या में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। सरयू तट पर आयोजित विशेष आरती में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए और मां सरयू की पूजा-अर्चना कर सुख-शांति की कामना की। जन्माष्टमी के मौके पर सरयू घाटों को विशेष रूप से सजाया गया था। शाम होते ही घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी। भक्तों ने दीप प्रज्वलित कर आरती में हिस्सा लिया और भक्ति भाव के साथ भगवान श्रीकृष्ण का स्मरण किया।
सरयू आरती के दौरान पूरा वातावरण धार्मिक मंत्रों और जयकारों से गूंज उठा। बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने मां सरयू के दर्शन किए और आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त किया। घाटों पर दीपों की रोशनी और भक्तों की आस्था ने माहौल को बेहद खास बना दिया। प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को तैनात किया गया। घाटों पर भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था के लिए विशेष निगरानी रखी गई।
जन्माष्टमी के अवसर पर अयोध्या में कई धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। मंदिरों में विशेष पूजा, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की पूजा कर आशीर्वाद लिया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण के धरती पर अवतरण का पर्व है। इस दिन देशभर में श्रद्धालु उपवास रखते हैं और मध्यरात्रि में भगवान कृष्ण के जन्म का उत्सव मनाते हैं।
अयोध्या में सरयू आरती में शामिल भक्तों ने कहा कि जन्माष्टमी के अवसर पर सरयू तट का वातावरण बेहद दिव्य और आध्यात्मिक महसूस हुआ। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण और मां सरयू से परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। रामनगरी में जन्माष्टमी उत्सव ने एक बार फिर धार्मिक पर्यटन और आस्था के केंद्र के रूप में अयोध्या की पहचान को मजबूत किया। बड़ी संख्या में भक्तों की मौजूदगी से पूरे शहर में उत्सव जैसा माहौल बना रहा।
Next Story





