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केंद्र सरकार ने रक्षा बजट के लिए पूंजीगत व्यय का 25 प्रतिशत सुरक्षित रखने का लिया फैसला

Nil dhankar
9 April 2022 12:21 PM IST
केंद्र सरकार ने रक्षा बजट के लिए पूंजीगत व्यय का 25 प्रतिशत सुरक्षित रखने का लिया फैसला
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दिल्ली। सरकार ने इस ‌‌‌‌‌‌‌साल (2022-23) के रक्षा बजट के कैपिटल आउटलेय यानी पूंजीगत व्यय का 25 प्रतिशत स्वदेशी प्राईवेट उद्योग के लिए सुरक्षित रखने का फैसला लिया है. यानि इस साल के बजट में 21,149 करोड़ का बजट सिर्फ स्वदेशी प्राईवेट कंपनियों द्वारा तैयार किए गए हथियार और अन्य साजो सामान पर खर्च किया जाएगा. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, स्वदेशी कंपनियों के लिए आरक्षित बजट में से 1500 करोड़ स्वदेशी स्टार्ट-अप से हथियार या फिर तकनीक खरीदने के लिए रखा जाएगा.

डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (आरएंडडी) में प्राईवेट इंटस्ट्री को बढ़ावा देने के इरादे से पहली बार रक्षा बजट में आरएंडडी का 25 प्रतिशत हिस्सा स्टार्ट-अप, स्वदेशी इंडस्ट्री और शैक्षिक संस्थानों को आवंटित किया जाएगा. इस बात की घोषणा खुद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट पेश करते हुए कही. इस साल रक्षा बजट में 2021-22 के मुकाबले करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है. इस साल यानि 2022-23 का कुल रक्षा बजट करीब 5.25 लाख (525166.15) करोड़ है. पिछले साल यानि 2021-22 का कुल रक्षा बजट 4.78 लाख करोड़ था. इस साल के रक्षा बजट में सेनाओं (थलसेना, वायुसेना और नौसेना) के नए हथियार, सैन्य साजो सामान और अन्य आधुनिकिकरण के लिए कुल 1.52 लाख करोड़ कैपिटल-आउटलेय (पूंजीगत व्यय) रखा गया है. ये कैपिटल आउटलेय पिछले साल के मुकाबले करीब 12 प्रतिशत ज्यादा है. पिछले साल पूंजीगत व्यय 1.35 लाख करोड़ था.

खास बात ये है कि इस साल के डिफेंस कैपिटल बजट का 68 प्रतिशत स्वदेशी हथियारों के लिए आवंटित किया गया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने खुद संसद में आम बजट पेश करते हुए इस बात की घोषणा की. उन्होनें बताया कि पिछले साल ये 58 प्रतिशत था (हालांकि, पिछले वित्तीय वर्ष यानि 2021-22 में ये 63 प्रतिशत था और 2020-21 में 58 प्रतिशत था).



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