भारत
साइबर ठगी पर शिकंजा कसने की तैयारी, सुप्रीम कोर्ट में अटॉर्नी जनरल ने रखे सुझाव
jantaserishta.com
28 April 2026 5:00 PM IST

x
सुप्रीम कोर्ट में एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की है.
नई दिल्ली: भारत में तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों, विशेषकर ‘डिजिटल अरेस्ट’ स्कैम को लेकर अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने सुप्रीम कोर्ट में एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की है। इस रिपोर्ट में विभिन्न हितधारकों से परामर्श के बाद कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं और इनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कोर्ट से निर्देश जारी करने का आग्रह किया गया है।
रिपोर्ट में दूरसंचार विभाग को टेलीकॉम सेवा प्रदाताओं के साथ मिलकर यूजर पहचान प्रणाली को मजबूत करने की सिफारिश की गई है। इसके तहत टेलीकम्युनिकेशन (यूजर आइडेंटिफिकेशन) नियम और बायोमेट्रिक आइडेंटिटी वेरिफिकेशन सिस्टम को शीघ्र लागू करने पर जोर दिया गया है, ताकि सिम कार्ड जारी करने की प्रक्रिया पर राष्ट्रीय स्तर पर निगरानी रखी जा सके।
इसके अलावा, सिम एक्टिवेशन में शामिल पॉइंट ऑफ सेल एजेंट्स के सत्यापन और उनकी जवाबदेही को सख्त करने का सुझाव दिया गया है। साइबर अपराधों में उपयोग हो रहे सिम कार्ड्स को तेजी से ब्लॉक करने के लिए एक प्रभावी व्यवस्था विकसित करने की भी बात कही गई है। रिपोर्ट में यह भी प्रस्तावित है कि टेलीकॉम कंपनियां जांच एजेंसियों को रियल-टाइम डेटा, जैसे सब्सक्राइबर एक्टिवेशन और अन्य जानकारी उपलब्ध कराएं।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को सुझाव दिया गया है कि वह व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म्स पर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू करवाए। इनमें सिम बाइंडिंग मैकेनिज्म, लंबी अवधि तक चलने वाले स्कैम कॉल्स की पहचान और रोकथाम के उपाय और स्काइप जैसे प्लेटफॉर्म्स की तर्ज पर नए सुरक्षा फीचर्स शामिल हैं। साथ ही, कानून प्रवर्तन एजेंसियों और इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर के साथ सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।
रिपोर्ट में ऐसे डिवाइस की पहचान कर उन्हें ब्लॉक करने की व्यवस्था बनाने की भी सिफारिश की गई है, जिससे वे नए नंबर के जरिए दोबारा अकाउंट न बना सकें। इसके अलावा, डिलीट किए गए अकाउंट्स का डेटा कम से कम 180 दिनों तक सुरक्षित रखने की बात कही गई है। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा तैयार स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर को मंजूरी देने और लागू करने का भी आग्रह किया गया है।
इसके तहत संदिग्ध खातों पर अस्थायी डेबिट रोक लगाने, साइबर वित्तीय धोखाधड़ी मामलों के लिए एक समान राष्ट्रीय ढांचा तैयार करने और विभिन्न हाईकोर्ट के आदेशों से उत्पन्न भ्रम को दूर करने का लक्ष्य रखा गया है। अटॉर्नी जनरल की रिपोर्ट में आईटी कानून में संशोधन की भी सिफारिश की गई है।
मंत्रालय से कहा गया है कि वह आईटी एक्ट के तहत शिकायतों के निपटारे के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल जल्द शुरू करे, विशेष रूप से सेक्शन 43 से जुड़े मामलों के लिए। साथ ही, वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में सिविल दायित्व तय करने के लिए कानूनी ढांचे को और सख्त बनाने की आवश्यकता बताई गई है।
इस रिपोर्ट का मुख्य उद्देश्य ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे उभरते साइबर अपराधों पर कड़ा नियंत्रण स्थापित करना, जांच एजेंसियों को अधिक सशक्त बनाना और नागरिकों को बेहतर डिजिटल सुरक्षा प्रदान करना है।
jantaserishta.com
भारत के भले ही किसी कोने में आप रह रहे हों, जनता से रिश्ता वेबसाइट पर आपके राज्य की हर छोटी-बड़ी खबर मिलेगी। राजनीति, खेल, चुनाव, बिजनेस, सिनेमा, इस प्लैटफॉर्म पर बस एक क्लिक करते ही हमेशा पाएं ताजा खबरें। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के बाकी राज्यों और शहरों की कोई जानकारी हो, हम आपको देते हैं। सियासी रण हो या बजट का मौसम, कहां चल रहा क्या सियासी दांव-पेच, आपके गांव में किसकी सरकार, हर अपडेट यहां आपको मिलेंगे। तो फिर अपने राज्य की हर हलचल के लिए जुड़े रहिए जनता से रिश्ता के साथ।
Next Story





