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अंतरराष्ट्रीय तेल मार्ग पर तनाव बढ़ा, होर्मुज में सैन्य कदम पर बहस

SHIDDHANT
9 March 2026 10:00 PM IST
अंतरराष्ट्रीय तेल मार्ग पर तनाव बढ़ा, होर्मुज में सैन्य कदम पर बहस
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जब तक युद्ध जारी रहेगा खाड़ी सुरक्षित नहीं
Delhi दिल्ली: होर्मुज खाड़ी को लेकर फ्रांस और ईरान के बीच नई तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने हाल ही में इस क्षेत्र में सैन्य एस्कॉर्ट मिशन शुरू करने की योजना घोषित की है, जिसका उद्देश्य कंटेनर जहाजों और तेल टैंकरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। मैक्रों के अनुसार, इस योजना के तहत फ्रांस लाल सागर में दो युद्धपोत भेजेगा और होर्मुज खाड़ी को दोबारा सुरक्षित बनाने की कोशिश करेगा।
इस पर ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी अली लारिजानी ने चेतावनी दी है कि जब तक क्षेत्र में युद्ध जारी रहेगा, तब तक होर्मुज खाड़ी सुरक्षित नहीं हो सकती। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि अमेरिका और इजरायल के भड़काए गए युद्ध के बीच किसी भी तरह की सुरक्षा हासिल करना मुश्किल है, खासकर तब जब इसे ऐसे पक्ष द्वारा समर्थन और बढ़ावा मिल रहा हो जो इस संघर्ष में शामिल हैं।
वास्तव में, अमेरिका और इजरायल के हमलों के जवाब में ईरान ने अपने नियंत्रण वाले होर्मुज खाड़ी को लगभग बंद कर दिया था। यह मार्ग वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम है। बंद होने के कारण अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में भारी उछाल आया और कई देशों ने इस रणनीतिक मार्ग को खोलने की मांग शुरू कर दी।
मैक्रों की टिप्पणी और ईरान की प्रतिक्रिया से संकेत मिलता है कि क्षेत्रीय तनाव अब बढ़ सकता है। विशेषज्ञों के
अनुसार
, खाड़ी में किसी भी सैन्य कदम या एस्कॉर्ट मिशन से क्षेत्र में सुरक्षा और व्यापारिक गतिविधियों पर प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ सकता है। दोनों देशों की यह टकराव वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बन गया है। इस विवाद पर नजर रखने वाले अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने दोनों पक्षों से शांति और कूटनीतिक संवाद के जरिए समस्या के समाधान की अपील की है, ताकि वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति प्रभावित न हो।
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