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मंदिरों में मूर्ति चोरी का मामला: SIT का तमिलनाडु में छापा, कई कारोबारी शक के घेरे में

Shantanu Roy
26 Dec 2025 5:21 PM IST
मंदिरों में मूर्ति चोरी का मामला: SIT का तमिलनाडु में छापा, कई कारोबारी शक के घेरे में
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Thiruvananthapuram. तिरुवनंतपुरम। केरल के प्रसिद्ध और आस्था के बड़े केंद्र सबरीमाला और पद्मनाभस्वामी मंदिर से जुड़े मूर्ति चोरी और सोने की डकैती के मामलों ने एक बार फिर राज्य की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। इन बहुचर्चित मामलों की जांच कर रही केरल पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने अब अपनी कार्रवाई का दायरा राज्य की सीमाओं से बाहर बढ़ाते हुए तमिलनाडु के डिंडीगुल जिले में छापा मारा है। इस कार्रवाई के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप का माहौल है।
दरअसल, केरल के कई प्रमुख मंदिरों में पिछले कुछ वर्षों के दौरान मूर्तियों की चोरी, कीमती आभूषणों के गायब होने और सोने की डकैती जैसी घटनाएं सामने आई थीं। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा सबरीमाला और तिरुवनंतपुरम स्थित पद्मनाभस्वामी मंदिर से जुड़े मामलों की रही। इन घटनाओं ने न केवल श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाई, बल्कि मंदिरों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े किए थे। इन्हीं मामलों को जोड़कर केरल पुलिस ने एक व्यापक जांच शुरू की थी, जिसकी जिम्मेदारी एसआईटी को सौंपी गई थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान एक अहम कड़ी तब सामने आई जब विदेश में रहने वाले एक भारतीय नागरिक को हिरासत में लिया गया। उससे पूछताछ में कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आईं। इसी पूछताछ के आधार पर पुलिस ने कुछ ऐसे लोगों की पहचान की, जिनका नाम मंदिरों में हुई चोरी और डकैती से किसी न किसी रूप में जुड़ता दिखाई दिया।
इन संदिग्धों में केरल के रहने वाले नंबूदरी उन्नीकृष्णन पोट्टी और तमिलनाडु के डिंडीगुल निवासी बालासुब्रमण्यम का नाम प्रमुख रूप से सामने आया है। बालासुब्रमण्यम को एम.एस. मणि के नाम से भी जाना जाता है और वह स्थानीय स्तर पर एक फाइनेंस कारोबारी बताया जा रहा है। पुलिस को शक है कि इन लोगों का मंदिरों में हुई चोरी से सीधा या परोक्ष संबंध हो सकता है, चाहे वह चोरी की गई मूर्तियों की खरीद-फरोख्त हो, धन के लेन-देन का नेटवर्क हो या फिर किसी अंतरराज्यीय गिरोह से संपर्क।
इन्हीं संदेहों के आधार पर केरल पुलिस की एसआईटी, डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस एस.एस. सुरेश बाबू के नेतृत्व में तमिलनाडु के डिंडीगुल पहुंची। टीम ने डिंडीगुल के राउंड रोड स्थित राम नगर इलाके में स्थित बालासुब्रमण्यम के कार्यालय पर छापा मारा। इस दौरान केरल पुलिस के साथ स्थानीय डिंडीगुल पुलिस भी मौजूद रही और पूरे सर्च ऑपरेशन में सहयोग किया।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने कार्यालय में मौजूद दस्तावेजों, फाइलों और लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की गहन जांच की। बताया जा रहा है कि पुलिस को कुछ ऐसे दस्तावेज मिले हैं, जो जांच की दिशा को और आगे ले जा सकते हैं। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने फिलहाल इन दस्तावेजों को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि इनमें मंदिरों से जुड़े लेन-देन और संदिग्ध संपर्कों के संकेत हो सकते हैं।
एसआईटी ने बालासुब्रमण्यम उर्फ एम.एस. मणि से लंबी पूछताछ भी की। पूछताछ के दौरान उससे उसके कारोबारी नेटवर्क, वित्तीय लेन-देन और केरल से जुड़े संपर्कों के बारे में विस्तार से सवाल किए गए। सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में कुछ अहम बिंदु सामने आए हैं, जिनके आधार पर आगे और लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है। पुलिस सूत्रों का यह भी कहना है कि यदि जांच में पर्याप्त और ठोस सबूत सामने आते हैं, तो बालासुब्रमण्यम की गिरफ्तारी भी हो सकती है और उसे आगे की पूछताछ के लिए केरल ले जाया जा सकता है। हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई औपचारिक गिरफ्तारी नहीं की गई है।
फिलहाल, केरल पुलिस इस पूरे मामले में बेहद सतर्कता बरत रही है। अधिकारी किसी भी नतीजे पर पहुंचने से पहले हर पहलू की गहन जांच कर रहे हैं। दूसरी ओर, तमिलनाडु के डिंडीगुल में इस कार्रवाई के बाद चर्चा का बाजार गर्म है। स्थानीय लोग और कारोबारी वर्ग पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। मंदिरों में चोरी और डकैती से जुड़े ये मामले केवल कानून-व्यवस्था का सवाल नहीं हैं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से भी जुड़े हुए हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में एसआईटी की जांच से और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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