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लाठीचार्ज के बाद आंसू गैस, संसद की सुरक्षा बढ़ी

Saba Naaz
20 July 2026 2:14 PM IST
लाठीचार्ज के बाद आंसू गैस, संसद की सुरक्षा बढ़ी
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नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद मार्च के दौरान सोमवार को दिल्ली में माहौल तनावपूर्ण हो गया। जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने कई जगहों पर बल प्रयोग किया। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले भी दागे। हालात को देखते हुए संसद परिसर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और ज्यादा सख्त कर दी गई है। संसद के गेटों को बंद कर दिया गया और भारी संख्या में पुलिस, अर्धसैनिक बलों तथा सुरक्षा एजेंसियों के जवान तैनात किए गए।

सीजेपी के संसद मार्च को देखते हुए सुबह से ही जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जुटने लगे थे। हल्की बारिश के बीच भी प्रदर्शनकारी हाथों में तिरंगा लेकर नारे लगाते नजर आए। पुलिस ने पहले ही संसद तक मार्च की अनुमति नहीं दी थी और इलाके में सुरक्षा कारणों से प्रतिबंध लागू किए गए थे। इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग की और सुरक्षा घेरा मजबूत किया।

प्रदर्शनकारियों को रोकने के दौरान पटेल चौक, संसद मार्ग और शास्त्री भवन समेत कई इलाकों में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया। इसके बाद स्थिति ज्यादा तनावपूर्ण हो गई और कुछ जगहों पर लाठीचार्ज किया गया। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया और संविधान क्लब के पास भी पुलिस द्वारा बल प्रयोग और आंसू गैस छोड़े जाने की जानकारी सामने आई।

शास्त्री भवन के पास जब प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने की कोशिश की तो सुरक्षा बलों ने उन्हें रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। इससे कुछ समय के लिए इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाने की कोशिश करती रही। कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया गया।

संसद परिसर की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए थे। संसद भवन के आसपास तीन स्तर का सुरक्षा घेरा बनाया गया था। विजय चौक से लेकर संसद मार्ग तक बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई। संसद के लोहे के गेटों पर सुरक्षाकर्मी तैनात रहे और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए वाटर कैनन तथा फायर टेंडर की गाड़ियां भी तैयार रखी गईं।

सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो ने भी कई स्टेशनों को बंद कर दिया था। राजीव चौक, जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशन पर यात्रियों की आवाजाही रोक दी गई। इसके कारण आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा और कई यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ा।

इस बीच सीजेपी प्रवक्ता सौरभ दास ने दावा किया कि केंद्र सरकार की ओर से बातचीत की पहल की गई है। उन्होंने बताया कि उनकी ओर से कुछ प्रतिनिधि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि बातचीत के लिए रास्ते खुले हैं और अब फैसला सरकार को करना है। पुलिस द्वारा सौरभ दास को डीसीपी कार्यालय भी ले जाया गया, जहां उन्होंने सरकार के साथ बातचीत जारी होने की बात कही।

प्रदर्शन को कई राजनीतिक नेताओं का समर्थन भी मिला। आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह, अतिशी और मनीष सिसोदिया जंतर-मंतर पहुंचे। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर छात्रों की मांगों पर सरकार से गंभीरता से विचार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज सुनी जानी चाहिए।

वहीं, प्रदर्शन से जुड़े अनशन को लेकर भी बड़ा अपडेट सामने आया। सीजेपी संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने अपना आमरण अनशन समाप्त कर दिया। इससे पहले वह सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाए जाने के बाद अनशन पर बैठे थे। इसके अलावा AISA के तीन छात्र नेताओं ने भी 23 दिन बाद अपनी भूख हड़ताल खत्म की।

प्रदर्शनकारियों की ओर से लगातार शांतिपूर्ण आंदोलन की अपील की जा रही थी। सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने भी लोगों से संयम बनाए रखने और किसी भी उकसावे से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों को सामने रखना है।

फिलहाल दिल्ली पुलिस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। संसद और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। प्रशासन की कोशिश है कि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को रोका जा सके, जबकि प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर सरकार से बातचीत की मांग कर रहे हैं।

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