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साजिश
Noida नोएडा: सेक्टर-76 में साल 2015 में हुई TCS सॉफ्टवेयर इंजीनियर अंकित चौहान की हत्या के मामले में CBI कोर्ट, नई दिल्ली ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आरोपियों शशांक जादौन और मनोज कुमार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही शशांक जादौन पर 70 हजार रुपये और मनोज कुमार पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। यह घटना 13 अप्रैल 2015 की है, जब अंकित चौहान अपनी फॉर्च्यूनर कार में सवार थे और अज्ञात व्यक्तियों ने उन पर गोली चलाकर हत्या कर दी। शुरुआती दौर में हत्यारे अज्ञात थे और परिवार ने न्याय की गुहार लगाई। इसके बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मामले की जांच CBI को सौंप दी। 14 जून 2016 को सीबीआई ने केस दर्ज किया और जांच शुरू की।
जांच के दौरान एजेंसी ने हत्या की पूरी साजिश का खुलासा किया। इसके बाद 1 जून 2017 को शशांक जादौन और 2 जून 2017 को मनोज कुमार को गिरफ्तार किया गया। CBI ने 29 अगस्त 2017 को दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या, लूट की कोशिश, साजिश रचने और सबूत मिटाने के आरोपों में चार्जशीट दाखिल की। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 2 अगस्त 2019 को ट्रायल गाजियाबाद से दिल्ली ट्रांसफर कर दिया। ट्रायल कई साल चला, जिसमें गवाहियों और सबूतों की गहन समीक्षा की गई। 20 सितंबर 2025 को दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया गया और 13 अक्टूबर 2025 को CBI कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
इस फैसले के बाद मृतक के परिवार ने राहत की सांस ली। परिवार ने कहा कि करीब 10 साल की लंबी लड़ाई के बाद उन्हें न्याय मिला और अब अंकित चौहान के हत्यारे सजा भुगतेंगे। अधिकारियों ने बताया कि इस केस की जांच और ट्रायल में कई अहम सबूत जुटाए गए, जिसमें CCTV फुटेज, गवाह बयान, और फॉरेंसिक रिपोर्ट शामिल थी। आरोपियों द्वारा अपराध की साजिश और लूट की कोशिश की पुष्टि भी की गई। विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला लंबे समय तक चले गंभीर और संवेदनशील अपराध मामलों में न्याय दिलाने का उदाहरण है। CBI की सतत मेहनत और कानूनी प्रक्रियाओं के पालन के कारण ही 10 साल पुराने इस मामले में न्याय संभव हो पाया।
नोएडा और दिल्ली पुलिस, साथ ही न्यायपालिका की भूमिका भी इस केस में अहम रही। यह मामला यह साबित करता है कि चाहे समय कितना भी लंबा क्यों न हो, गंभीर अपराधियों को उनके कृत्य का न्याय मिलना अनिवार्य है। इस तरह, साल 2015 में हुए TCS सॉफ्टवेयर इंजीनियर अंकित चौहान मर्डर केस में 10 साल बाद आए फैसले ने मृतक परिवार को न्याय दिलाया और अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश दिया।
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