भारत

टांडा मेडिकल कॉलेज का कार्डियोलॉजी विभाग केवल एक डॉक्टर पर निर्भर

Shantanu Roy
4 April 2026 2:44 PM IST
टांडा मेडिकल कॉलेज का कार्डियोलॉजी विभाग केवल एक डॉक्टर पर निर्भर
x
Hospice. धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं पूर्व स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने टांडा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में कार्डियोलॉजी विभाग की दयनीय स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इस प्रमुख अस्पताल में कार्डियोलॉजी विभाग का संचालन केवल एक डॉक्टर पर निर्भर है, जो पूरे क्षेत्र के लाखों मरीजों के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर रहा है। परमार ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों की भारी कमी के कारण गंभीर हृदय रोगियों को समय पर उचित उपचार नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने बताया कि एक ही डॉक्टर पर अत्यधिक कार्यभार डालना चिकित्सकीय व्यवस्था के साथ अन्याय है और मरीजों की सुरक्षा के लिए खतरा है। आपातकालीन मामलों में उचित और त्वरित इलाज न मिल पाने के कारण मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ता है या उन्हें अन्य अस्पतालों में रेफर किया जाता है, जिससे बहुमूल्य समय और जीवन पर असर पड़ता है। उन्होंने प्रदेश सरकार पर ध्यान केंद्रित करते हुए कहा कि टांडा अस्पताल में कार्डियोलॉजी विभाग को तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति की आवश्यकता है। परमार ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द कदम नहीं उठाया, तो यह स्थिति बड़े स्वास्थ्य संकट में बदल सकती है।

जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह से राज्य सरकार की होगी। परमार ने मीडिया से बातचीत में यह भी कहा कि अस्पताल की इस स्थिति से न केवल मरीज प्रभावित हैं, बल्कि चिकित्सकों पर भी अत्यधिक दबाव है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए तत्काल योजना बनानी चाहिए और कार्डियोलॉजी विभाग के लिए पर्याप्त स्टाफ की तैनाती करनी चाहिए। विपिन सिंह परमार का मानना है कि टांडा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल को क्षेत्रीय स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित किया गया है, इसलिए कार्डियोलॉजी विभाग की उपेक्षा अस्वीकार्य है। उन्होंने बताया कि यह विभाग हृदय रोगियों के लिए
जीवन रेखा
की तरह है और डॉक्टरों की कमी इसे संकटग्रस्त बना रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को तुरंत कदम उठाकर विशेषज्ञ डॉक्टरों को नियुक्त करना चाहिए और अस्पताल के संसाधनों को मजबूत करना चाहिए। इस मुद्दे पर नागरिकों की भी गहरी चिंता है, क्योंकि कई मरीज अब समय पर इलाज न मिलने के कारण दूरस्थ अस्पतालों का सहारा लेने को मजबूर हैं। परमार ने कहा कि टांडा और आसपास के क्षेत्र के लाखों लोग इस विभाग की स्थिति पर नजर रख रहे हैं और सरकार से तत्काल कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।
Next Story