
x
दिल्ली: दिल्ली दंगों से जुड़े एक और मामले में आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को बड़ा झटका लगा है। कड़कड़डूमा कोर्ट ने दंगा भड़काने के आरोप में उन्हें दोषी ठहराते हुए 2 साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने ताहिर हुसैन को दंगा भड़काने और उकसाने के आरोप में दोषी पाया है। यह फैसला दिल्ली दंगों से जुड़े एक अलग मामले में आया है, जिसमें उन पर भीड़ को इकट्ठा कर हिंसा फैलाने का आरोप था।
ताहिर हुसैन के खिलाफ आईपीसी की धारा 147, 148 और 149 (दंगा करने), धारा 427 (नुकसान पहुंचाने और संपत्ति को क्षति पहुंचाने), धारा 436 (आग लगाकर नुकसान पहुंचाने) और धारा 120बी (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज किया गया था। कोर्ट ने इन सभी धाराओं के तहत सुनवाई के बाद उन्हें दोषी करार दिया और 2 साल की कैद की सजा सुनाई।
दरअसल, यह दूसरी बार है जब ताहिर हुसैन को किसी मामले में सजा सुनाई गई है। इससे पहले कड़कड़डूमा कोर्ट ने ही दंगों के दौरान आईबी कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में उसे दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। अंकित शर्मा की हत्या का मामला दिल्ली दंगों के सबसे चर्चित मामलों में से एक था। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि ताहिर हुसैन की भूमिका दंगों में सक्रिय रूप से शामिल होने की थी और उन्होंने साजिश के तहत हिंसा को बढ़ावा दिया था।
साल 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों में 53 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी और सैकड़ों लोग घायल हुए थे। इन दंगों में बड़े पैमाने पर संपत्ति को नुकसान पहुंचा था। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में कई एफआईआर दर्ज की थीं, जिनमें से कई में ताहिर हुसैन का नाम आरोपी के तौर पर सामने आया था। ताहिर हुसैन उस समय आम आदमी पार्टी के पार्षद थे, लेकिन दंगों में नाम आने के बाद पार्टी ने उन्हें निलंबित कर दिया था। फिलहाल वह जेल में बंद हैं और उनके खिलाफ कई अन्य मामलों में भी सुनवाई चल रही है।
Next Story





