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स्वदेश के एक साल पूरे, नीता अंबानी ने कारीगरों को दिया खास सम्मान

jantaserishta.com
10 Oct 2026 10:36 PM IST
स्वदेश के एक साल पूरे, नीता अंबानी ने कारीगरों को दिया खास सम्मान
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MUMBAI मुंबई। भारतीय कला, संस्कृति और पारंपरिक हस्तशिल्प को प्रोत्साहित करने वाली पहल 'स्वदेश' के एक साल पूरे होने के अवसर पर इसकी संस्थापक नीता अंबानी ने कुशल कारीगरों को सम्मानित किया। इस खास अवसर पर उन्होंने भारतीय शिल्पकला की समृद्ध परंपरा और उसे जीवित रखने वाले कलाकारों के योगदान की सराहना की। नवरात्रि की पूर्व संध्या पर आयोजित इस समारोह को नीता अंबानी ने देवी शक्ति को समर्पित किया।
इस विशेष आयोजन में भारतीय हस्तशिल्प से जुड़े कई प्रतिभाशाली कारीगरों और कलाकारों ने हिस्सा लिया। नीता अंबानी के साथ डोलन कुंडू, विभा दास, डॉ. रोहिणी अरोड़ा, टी. भास्करन, रवींद्र बेहरा और संजय चितारा भी मौजूद रहे। इन कलाकारों की उपस्थिति ने आयोजन को भारतीय कला और शिल्प परंपराओं से जोड़ने का अवसर प्रदान किया।
स्वदेश की पहली वर्षगांठ पर आयोजित समारोह का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक कला और हस्तशिल्प से जुड़े कारीगरों के योगदान को सम्मान देना था। भारतीय संस्कृति में हस्तशिल्प का विशेष स्थान रहा है। देश के अलग-अलग हिस्सों में पीढ़ियों से चली आ रही कलात्मक परंपराएं भारतीय विरासत की पहचान मानी जाती हैं।
नीता अंबानी ने इस अवसर को नवरात्रि की पूर्व संध्या से जोड़ते हुए देवी शक्ति को समर्पित किया। नवरात्रि का पर्व देवी दुर्गा की आराधना और शक्ति के सम्मान का प्रतीक है। ऐसे में भारतीय कारीगरों के सम्मान को देवी शक्ति से जोड़ना इस आयोजन का एक प्रमुख पहलू रहा। समारोह में शामिल कलाकारों में डोलन कुंडू, विभा दास, डॉ. रोहिणी अरोड़ा, टी. भास्करन, रवींद्र बेहरा और संजय चितारा के नाम प्रमुख रहे। इन सभी की मौजूदगी ने आयोजन में कला और संस्कृति से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधित्व को सामने रखा।
स्वदेश पहल का संबंध भारतीय कारीगरों और उनकी पारंपरिक कलाओं को पहचान दिलाने से है। इस पहल के माध्यम से हस्तनिर्मित वस्तुओं और पारंपरिक शिल्पकला के महत्व को सामने लाने पर जोर दिया जाता है। भारतीय हस्तशिल्प केवल सजावटी वस्तुओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके साथ कारीगरों का कौशल, अनुभव और पीढ़ियों से चली आ रही सांस्कृतिक विरासत भी जुड़ी हुई है। अनेक पारंपरिक कलाएं अपने विशिष्ट डिजाइन, तकनीक और निर्माण प्रक्रिया के कारण अलग पहचान रखती हैं।
स्वदेश की पहली वर्षगांठ पर कारीगरों को सम्मानित करना इसी सांस्कृतिक योगदान की सराहना के रूप में देखा जा सकता है। आयोजन में कलाकारों को प्रमुखता देकर उनके कार्य और कौशल के महत्व को रेखांकित किया गया। नीता अंबानी लंबे समय से भारतीय कला और सांस्कृतिक विरासत को प्रोत्साहित करने से जुड़ी पहलों में सक्रिय रही हैं। स्वदेश की वर्षगांठ का यह आयोजन भी भारतीय कारीगरों के सम्मान और पारंपरिक कला को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जुड़ा रहा।
नवरात्रि की पूर्व संध्या पर आयोजित समारोह में देवी शक्ति के प्रति समर्पण और भारतीय शिल्पकारों के प्रति सम्मान का संदेश दिया गया। इस अवसर पर कारीगरों की प्रतिभा और भारतीय हस्तशिल्प की पहचान को विशेष महत्व मिला। स्वदेश के एक साल पूरे होने का यह जश्न भारतीय कला और संस्कृति से जुड़े लोगों के योगदान को सम्मानित करने के साथ संपन्न हुआ।
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