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प्रधानाचार्य प्रमोशन में गड़बड़ी की आशंका, 4 IAS अफसर रडार में

Nilmani Pal
15 April 2026 6:42 AM IST
प्रधानाचार्य प्रमोशन में गड़बड़ी की आशंका, 4 IAS अफसर रडार में
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यूपी। समाज कल्याण विभाग के जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में 100 प्रवक्ताओं को गलत ढंग से प्रधानाचार्य के पद पर पदोन्नति दिए जाने के मामले में जांच तेज हो गई है। अब उच्चाधिकारियों से जवाब तलब किया जाएगा। चार आईएएस अधिकारियों से पूछताछ होगी। चार अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने के लिए पत्र भी भेज दिया गया है। वहीं, एक लंबे समय तक ड्यूटी से गायब रहे आईएएस अधिकारी समीर वर्मा के खिलाफ जांच शुरू हो गई है। जांच अधिकारी नियुक्त कर दिया गया है।

समाज कल्याण विभाग का मामला वर्ष 2024 का है ऐसे में नियुक्ति विभाग उच्च स्तर से सहमति मिलने के बाद अब इस मामले में समाज कल्याण विभाग के तत्कालीन प्रमुख सचिव, सचिव और विशेष सचिव का लिखित में पक्ष लेगा। इसके अलावा सचिवालय प्रशासन विभाग के चार अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई के लिए पत्र भेज दिया गया है। शासन ने समीक्षा अधिकारी धर्मेंद्र, अनुभाग अधिकारी अरविंद प्रकाश, उप सचिव रजनीकांत और विशेष सचिव शशिकांत कनौजिया की जिम्मेदारी तय करने के लिए सचिवालय प्रशासन विभाग को पत्र भेज दिया है। फिलहाल प्रोन्नति के लिए 11 जनवरी 2024 को प्रस्ताव भेजा गया और उस समय पोषक संवर्ग नहीं था। पहले इन्हें उप प्राचार्य बनाया जाना था और फिर प्राचार्य पद पर पदोन्नति देनी चाहिए थी । मगर सीधे 4800 ग्रेड पे से सीधे 7600 ग्रेड पे के प्राचार्य के पद पर भेज दिया गया ।

लखनऊ। वर्ष 2002 बैच के आईएएस अधिकारी समीर वर्मा के लंबे समय से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने पर विभागीय कार्रवाई शुरू हो गई है। उन्हें आठ अक्तूबर 2025 को नियोजन विभाग में सचिव के पद पर तैनाती दी गई थी, पर उन्होंने ज्वाइन ही नहीं किया। उनके खिलाफ इस प्रकरण में प्रमुख सचिव, सिंचाई अनिल गर्ग को जांच अधिकारी बनाया गया है। समीर वर्मा का नाम पिछले साल जून में स्टांप एवं पंजीयन विभाग में तबादलों में गड़बड़ियों में सामने आया था। तब वे विभाग में आईजी, स्टांप के पद पर तैनात थे। इसके बाद उन्हें 19 जून को इस पद से हटाते हुए प्रतीक्षारत कर दिया गया था। कई महीने की वेटिंग के बाद उन्हें अक्तूबर में नियोजन विभाग में तैनाती मिली।


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