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छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में सुषमा अंधारे का बयान, बोलीं

SHIDDHANT
23 Aug 2026 12:26 AM IST
छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में सुषमा अंधारे का बयान, बोलीं
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Pune पुणे: शिवसेना (यूबीटी) की प्रवक्ता सुषमा अंधारे ने पुणे में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में महिलाओं और युवतियों को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि लड़कियां देश का भविष्य हैं और समाज में महिलाओं को अपनी पहचान और स्वतंत्रता के साथ आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए। सुषमा अंधारे ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि आज की लड़कियां अपनी बात खुलकर रख रही हैं और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि युवतियों का आत्मविश्वास और स्वतंत्र अभिव्यक्ति समाज में बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को लेकर समाज की सोच में बदलाव की जरूरत है। सुषमा अंधारे ने आरोप लगाया कि भाजपा जिस तरह से महिलाओं के वस्तुकरण को बढ़ावा दे रही है, वह चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सम्मान और समान अवसर मिलना चाहिए। शिवसेना (यूबीटी) नेता ने कहा कि जब लड़कियां बिना किसी डर के अपनी पसंद, विचार और प्रतिभा को सामने रखती हैं तो यह समाज में सकारात्मक परिवर्तन का संकेत होता है। उन्होंने कहा कि युवतियों का आत्मविश्वास ही नए भारत की पहचान बनेगा।
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में शिक्षा, महिला अधिकार, सामाजिक बदलाव और युवाओं की भागीदारी जैसे विषयों पर विचार रखे गए। सुषमा अंधारे ने कहा कि देश की प्रगति में महिलाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को शिक्षा, रोजगार और निर्णय लेने के क्षेत्रों में बराबरी का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने युवतियों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने सपनों को पूरा करने के लिए आगे आएं और समाज में अपनी अलग पहचान बनाएं। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी क्षमता साबित कर रही हैं और उन्हें रोकने के बजाय आगे बढ़ने का अवसर देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि समाज में बदलाव तभी संभव है जब महिलाओं को स्वतंत्र सोच और अपनी बात रखने की आजादी मिले। उन्होंने युवाओं को परिवर्तन का सबसे बड़ा माध्यम बताया। गौरतलब है कि पुणे में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में कई नेताओं और वक्ताओं ने युवाओं से संवाद किया। कार्यक्रम के दौरान सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा हुई। सुषमा अंधारे के बयान के बाद महिलाओं की स्वतंत्रता और अधिकारों को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। जहां उन्होंने इसे बदलाव की शुरुआत बताया, वहीं इस मुद्दे पर विभिन्न राजनीतिक दलों की अलग-अलग राय सामने आ रही है।
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