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ज्ञानवापी मस्जिद के एक तहखाने का सर्वे हुआ पूरा, कोर्ट कमीश्नर भी मौजूद

jantaserishta.com
14 May 2022 4:23 AM GMT
ज्ञानवापी मस्जिद के एक तहखाने का सर्वे हुआ पूरा, कोर्ट कमीश्नर भी मौजूद
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वाराणसी: यूपी की धर्म नगरी वाराणसी के श्रृंगार गौरी मामले में आज ज्ञानवापी मस्जिद का सर्वे शुरू हो गया है. सर्वे के लिए एडवोकेट कमिश्नर, उनके सहायक, वादी और प्रतिवादी के साथ ही दोनों पक्षों के वकील भी ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में सर्वे के लिए प्रवेश कर गए हैं. सर्वे के लिए मस्जिद परिसर में दाखिल हुए सभी लोगों के मोबाइल फोन जमा करा लिए गए हैं.

ज्ञानवापी मस्जिद में पहुंचते ही एडवोकेट कमिश्नर ने एक तहखाने का सर्वेक्षण पूरा कर लिया है. अब दूसरे तहखाने को खोला जा रहा है. दोनों तहखानों की चाबी एडवोकेट कमिश्नर को मिल गई थी. सर्वेक्षण का कार्य शांतिपूर्ण तरीके से चल रही है. प्रशासन की बैठक में तहखाने में सांप होने की आशंका जताते हुए सपेरों को बुलाने की मांग की गई थी. प्रशासन ने तब कहा था कि वहां सीआरपीएफ का कैंप पहले से ही है, ऐसे में इसकी कोई जरूरत नहीं है.
इससे पहले, सुबह करीब 7.35 बजे कोर्ट की ओर से नियुक्त एडवोकेट कमिश्नर चौक थाने से निकले. एडवोकेट कमिश्नर के साथ विशेष कमिश्नर और सहायक कमिश्नर भी थे. कड़ी सुरक्षा के बीच एडवोकेट कमिश्नर और अन्य लोग सर्वे के लिए ज्ञानवापी मस्जिद पहुंचे. इस मामले में वादी पक्ष की अगुवाई कर रहे विश्व वैदिक सनातन संघ के प्रमुख जितेंद्र सिंह बिसेन भी अपने वकील शिवम गौड़ के साथ चौक थाने से होते हुए काशी विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर चार पर पहुंचे. इस मामले में वादी चारों महिलाएं भी अपने वकील के साथ पहुंची हैं.
मुस्लिम पक्ष के वकील भी ज्ञानवापी मस्जिद पहुंच गए हैं. मस्जिद के सर्वे के दौरान किसी तरह की कोई बाधा न आए, इसे लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है. बुलानाला की ओर से विश्वनाथ मंदिर जाने वाले रास्ते पर किसी को पैदल भी जाने की इजाजत नहीं है. पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. पूरे इलाके को सील कर दिया गया है.
ज्ञानवापी मस्जिद के आसपास सुरक्षा के लिहाज से भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है. 500 मीटर के दायरे में सभी दुकानें बंद करा दी गई हैं. डीसीपी काशी जोन आरएस गौतम ने दावा किया है कि दर्शनार्थियों को किसी तरह की कोई असुविधा न हो, इस बात का भी ध्यान रखा जा रहा है.
विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर चार से पहले ही कई जगह मीडिया को भी रोक दिया गया है. गौरतलब है कि सर्वे, वीडियोग्राफी की कार्यवाही जारी रखने का आदेश देते समय सिविल जज सीनियर डिवीजन रवि कुमार दिवाकर ने प्रशासन को भी आदेश तामील कराने के निर्देश दिए थे.
कोर्ट के आदेश के बाद वाराणसी के प्रशासनिक अधिकारी एक्टिव मोड में आ गए और मुस्लिम पक्ष के साथ बैठक की. वाराणसी के प्रशासनिक अधिकारियों और मुस्लिम पक्ष के लोगों के बीच बैठक में सर्वे को लेकर सहमति बनी थी. मुस्लिम पक्ष के साथ बैठक के बाद जिलाधिकारी ने सर्वे की तारीख और समय का ऐलान किया था. सर्वे के आदेश को अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. सुप्रीम कोर्ट ने मसाजिद कमेटी की याचिका पर फौरी राहत देने से इनकार कर दिया था.
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