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मणिपुर सरकार से सुप्रीम कोर्ट ने कहा- 'हम आपको नहीं दे रहे चरित्र प्रमाण पत्र नहीं'

Deepa Sahu
6 Sep 2021 6:43 PM GMT
मणिपुर सरकार से सुप्रीम कोर्ट ने कहा- हम आपको नहीं दे रहे चरित्र प्रमाण पत्र नहीं
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सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने मणिपुर में कोविड-19 आइसोलेशन केंद्रों (Covid 19 Isolation Center) की ''दयनीय'' हालत के लिए सोमवार को राज्य सरकार की खिंचाई की और कहा, ''हम आपको चरित्र प्रमाण पत्र नहीं देने जा रहे हैं.'' सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोविड-19 के समय न्याय सुनिश्चित करने का केंद्र, हाईकोर्ट था और वह राज्य सरकार के खिलाफ पारित आदेश में हस्तक्षेप नहीं करेगा.

न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने एक जनहित याचिका पर पिछले साल हाईकोर्ट द्वारा मणिपुर सरकार के खिलाफ पारित दो आदेशों के विरोध में दायर याचिका खारिज कर दी. ये आदेश अस्पतालों में सुविधाओं और कोविड-19 आइसोलेशन सेंटर से जुड़े हुए थे. पीठ ने कहा, ''हम आपको चरित्र प्रमाण पत्र नहीं देने जा रहे हैं. कोविड-19 के समय हाईकोर्ट न्याय सुनिश्चित करने के केंद्र थे. माफ कीजिए, हम आदेशों में हस्तक्षेप नहीं करेंगे.''
राज्य सरकार की तरफ से पेश हुए वकील पी. रमेश कुमार ने कहा कि आदेश एक जनहित याचिका पर उच्च न्यायालय द्वारा पारित किए गए थे और कुछ निर्देश दिए गए जो लागू करने योग्य नहीं हैं.
पीठ ने कहा, ''कोविड-19 केंद्रों में सुविधाएं दयनीय थीं. आपके पास महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग शौचालय भी नहीं थे. यहां तक कि बिस्तर के चादर भी 15 दिनों बाद बदले जाते थे. आइसोलेशन केंद्रों के लिए डॉक्टर नहीं थे. हाईकोर्ट ने काफी धैर्यपूर्वक आदेश पारित किए हैं, हम उनमें हस्तक्षेप नहीं करेंगे.'' हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को कोविड-19 संकट से लड़ने के लिए नियम बनाने सहित कई दिशानिर्देश दिए थे.
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को लगाई थी फटकार
इससे पहले कोरोना के चलते मरने वाले लोगों के परिवार वालों को मुआवजा देने के लिए दिशानिर्देश तैयार करने में देरी करने के चलते सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को भी फटकार लगाई थी. कोर्ट ने केंद्र से कहा था कि जब तक आप मुआवजे को लेकर दिशानिर्देश तैयार करेंगे तब तक तो कोरोना की तीसरी लहर भी खत्म हो जाएगी.

इसी के साथ केंद्र के प्रति नाखुशी जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को 30 जून के आदेश पर अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा था. इसके लिए कोर्ट ने 11 सितंबर तक का समय दिया है. 30 जून के आदेश में सरकार को मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने और कोविड ​​​​-19 से मरने वालों के परिवारों को मुआवजा देने के लिए दिशानिर्देश तैयार करने का निर्देश दिया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मामले की सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार से कहा, जब तक आप लोग दिशार्निदेश तैयार करेंगे, तब तक कोरोना की तीसरी लहर भी खत्म हो जाएगी.


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