भारत

अब ऐसी दवाओं की बिक्री केवल रजिस्टर्ड डॉक्टर के prescription पर ही होगी...मोदी सरकार का ऐतिहासिक कदम

jantaserishta.com
10 July 2026 9:06 AM IST
अब ऐसी दवाओं की बिक्री केवल रजिस्टर्ड डॉक्टर के prescription पर ही होगी...मोदी सरकार का ऐतिहासिक कदम
x
नई दिल्ली: देश में कफ सिरप और टॉनिक का नशे के रूप में हो रहे गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने एक बेहद सख्त और ऐतिहासिक कदम उठाया है. सरकार ने ड्रग्स रूल्स, 1945 में बड़ा संशोधन करते हुए ज्यादा अल्कोहल मात्रा वाली ओरल दवाओं (सिरप/टॉनिक) को 'शेड्यूल H1' श्रेणी में डाल दिया है. इस फैसले के बाद अब ऐसी दवाएं काउंटर पर खुलेआम बिना डॉक्टर के पर्चे (Prescription) के नहीं बेची जा सकेंगी.
सरकार द्वारा जारी नए नियमों के मुताबिक, दो शर्तों को पूरा करने वाली सभी ओरल लिक्विड दवाएं अब कड़ी निगरानी के दायरे में होंगी-
- जो भी दवा 30 मिलीलीटर (ml) से बड़ी पैकिंग में आती है.
- अल्कोहल की मात्रा: जिसमें इथाइल अल्कोहल की मात्रा 12% से अधिक है.
इन दोनों मापदंडों के दायरे में आने वाली सभी दवाओं को अब Schedule H1 लिस्ट में शामिल कर दिया गया है. आपको बता दें कि यह वही लिस्ट है जिसमें नींद की गोलियां, हैवी पेनकिलर्स और नशे के लिए इस्तेमाल की जा सकने वाली बेहद संवेदनशील दवाएं शामिल होती हैं.
सरकार ने इस बदलाव के तहत 'शेड्यूल के' (Schedule K) में भी संशोधन किया है. इसके तहत पहले जिन दवाओं को नियमों और बिक्री में कुछ विशेष छूट मिलती थी, वह छूट अब 30 ml से बड़ी और 12% से ज्यादा अल्कोहल वाली ओरल दवाओं पर लागू नहीं होगी. इस कदम का मुख्य उद्देश्य ऐसी दवाओं की मैन्युफैक्चरिंग से लेकर रिटेल काउंटर तक पूरी सप्लाई चेन पर सख्त निगरानी रखना है.
अभी तक ऐसी दवाएं आसानी से मिल जाती थीं. लेकिन अब इन्हें दवा नियमों की "शेड्यूल H1" लिस्ट में डाल दिया गया है. ये लिस्ट नींद की गोलियों, दर्द की तेज़ दवाओं और नशे में इस्तेमाल हो सकने वाली दवाओं के लिए बनी है. इसका मतलब है कि अब ये दवाएं बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं मिलेंगी. दुकानदार को इनकी पूरी रिकॉर्ड-कीपिंग करनी होगी. बोतल पर चेतावनी लेबल लगाना ज़रूरी होगा. सरकार ने ऐसा कदम इसलिए उठाया है क्योंकि कई बार लोग नशे के लिए इन सिरप और टॉनिक का गलत इस्तेमाल करते हैं.
इस नियम का ड्राफ्ट अक्टूबर 2025 में ही जनता के सामने रखा गया था, ताकि लोग अपनी राय या आपत्ति दे सकें. 30 दिन का समय दिया गया था, लेकिन किसी ने भी कोई आपत्ति नहीं जताई. इसके बाद सरकार ने दवा तकनीकी सलाहकार बोर्ड से भी बात की और अब इसे पक्का कानून बना दिया है
यह नया नियम गजट में छपने के 6 महीने बाद लागू होगा, यानी करीब जनवरी 2027 से इस पर सख्ती शुरू हो जाएगी. तब तक दवा कंपनियों और दुकानदारों को अपनी पैकिंग और बिक्री का तरीका बदलने का समय मिलेगा.
jantaserishta.com

jantaserishta.com

भारत के भले ही किसी कोने में आप रह रहे हों, जनता से रिश्ता वेबसाइट पर आपके राज्य की हर छोटी-बड़ी खबर मिलेगी। राजनीति, खेल, चुनाव, बिजनेस, सिनेमा, इस प्लैटफॉर्म पर बस एक क्लिक करते ही हमेशा पाएं ताजा खबरें। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के बाकी राज्यों और शहरों की कोई जानकारी हो, हम आपको देते हैं। सियासी रण हो या बजट का मौसम, कहां चल रहा क्या सियासी दांव-पेच, आपके गांव में किसकी सरकार, हर अपडेट यहां आपको मिलेंगे। तो फिर अपने राज्य की हर हलचल के लिए जुड़े रहिए जनता से रिश्ता के साथ।

    Next Story