सब इंस्पेक्टर ने बनाया था वसूली गैंग, खुलासे से पुलिस विभाग में हड़कंप

यूपी। स्पेशल 26 फिल्म की तरह पर कानपुर में वारदातों को अंजाम देने वाले गैंग का खुलासा हुआ है। यहां पर तैनात ट्रैफिक दरोगा ने होमगार्ड, महिला पीआरडी जवान समेत छह लोगों के साथ मिलकर वसूली गैंग बनाया। फर्जी एसटीएफ बनकर हूटर लगी गाड़ियों से सेक्स रैकेट, ओयो होटलों और जुआ-सट्टे के अड्डों पर छापेमारी करने लगे। लोगों के साथ मारपीट कर उनके आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने की धमकी और गिरफ्तारी का डर दिखाकर लाखों की वसूली की जाती थी। हनुमंत विहार के एक युवक और रावतपुर की महिला ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने पूरे गैंग का खुलासा कर पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। फरार चल रहे गैंग के सरगना टीएसआई को निलंबित कर दिया गया है।
मैनपुरी के मांझगांव, एलाऊ का रहने वाला अजीत यादव कानपुर में ट्रैफिक विभाग में सब इंस्पेक्टर है। अजीत ने सतवारी रोड सेन पश्चिम पारा निवासी होमगार्ड राजीव दीक्षित, दिबियापुर, औरैया निवासी पीआरडी जवान वर्षा चौहान, सनिगवां निवासी अरविंद शुक्ला, अकबरपुर, कानपुर देहात निवासी अनिरुद्ध उर्फ विनय यादव और छिबरामऊ निवासी अनुज कुमार के साथ मिलकर वसूली गैंग बनाया। यह गिरोह अपने मुखबिरों की मदद से कानपुर और आउटर इलाकों में चल रहे सेक्स रैकेट, जुआ-सट्टे के अड्डों में एसटीएफ टीम बनाकर छापेमारी करता था। जो भी आरोपी पकड़ा जाता था, उसके साथ मारपीट कर उनके आपत्तिजनक वीडियो भी गैंग बना लेता था। गिरफ्तारी और पुलिसिया कार्रवाई का डर दिखाकर लाखों की रकम पीड़ितों से ऐंठ ली जाती थी।
खुलासा कुछ इस तरह हुआ। टीएसआई ने गिरोह के साथ हनुमंत विहार निवासी युवक के घर छापेमारी की, यहां एक युवक को उसके दोस्त और महिला मित्र के साथ धर-दबोचा। इसके बाद आरोपियों ने खुद को एसटीएफ की टीम बताकर दोनों युवकों और महिला मित्र के साथ मारपीट कर उनके अश्लील वीडियो बनाए। तीनों को अलग-अलग गाड़ियों में बैठाकर रावतपुर तक मारपीट करते हुए लाए। इनसे 1.55 लाख रुपये वसूलने के बाद रास्ते में उतार दिया। पीड़ितों ने गाड़ियों के नंबर नोट कर पुलिस को सूचना दी और हनुमंत विहार थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद गैंग ने शारदा नगर के अपार्टमेंट में महिला के घर छापेमारी कर आपत्तिजनक कारोबार की धमकी देकर पीड़िता और उसके परिवार को लात-घूंसों और लाठी-डंडों से पीटा। इनसे एक लाख 40 हजार रुपये और 30 हजार ऑनलाइन लेकर जबरन वसूली कर ली। पीड़ित ने वर्दी से लैस आरोपितों के जाते ही कंट्रोल रूम फोन कर पुलिस को सूचना दी। सर्विलांस टीम की मदद से रावतपुर पुलिस ने आरोपितों का पीछा कर उन्हें पकड़ लिया।





